इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 के किसी भी पॉजिटिव मामले से टीम का श्रीलंका दौरा खटाई में नहीं पड़ेगा। उन्होंने हालांकि ऐसी परिस्थितियों में यात्रा के दौरान खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देते हुए टीम के साथ मनोचिकित्सक के यात्रा करने की बात कही। इंग्लैंड की टीम तीन महीने के उपमहाद्वीप दौरे के लिए रवाना होगी, जिसका आगाज श्रीलंका में दो टेस्ट मैचों के साथ होगा। टीम इसके बाद मार्च के आखिर तक भारत दौरे पर रहेगी।
रूट ने पत्रकारों से कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह (पॉजिटिव मामले) खुद से समाप्त होगा। यह फिलहाल पूरी दुनिया की वास्तविकता है। टीमों को पॉजिटिव मामलों से निपटना होगा। रूट ने कहा कि इस महामारी के दौरान शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने की चुनौतियों का सामना करने में मदद करने के लिए टीम एक मनोवैज्ञानिक की सेवाएं लेगी। उन्होंने कहा कि अगर मैदान के पास हर समय मनोवैज्ञानिक मौजूद रहते है तो इससे खिलाड़ियों को अतिरिक्त समर्थन मिलेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उनकी समस्या को सुनने वाला कोई है। उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर मेरा काम यह होगा कि मैं लोगों को सहज महसूस करा सकूं।
रूट ने कहा कि खिलाडियों के पास परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में खतरनाक वायरस है और हम जहां भी होंगे, हम किसी न किसी आकार या रूप में इसके संपर्क में रहेंगे। इंग्लैंड का दक्षिण अफ्रीका का पिछला दौरा कोरोना वायरस के कारण रद्द हो गया था। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका की स्थिति काफी अलग थी। यह (भारत और श्रीलंका में) अलग होगा, हम इसके लिए सबसे अच्छे तरीके से तैयार हैं और हम इसके बारे में पूरी तरह से जानते हैं कि खुद से क्या कर रहे हैं।