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इस भारतीय खिलाड़ी का खुलासा, 'कोच से कहा, मुझे टीम से बाहर करे'

Wed, 09 Aug 2017 12:25 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम - फोटो : SELF
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि 2017 आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने अपने कोच से कहा था कि अंतिम एकादश में उन्हें शामिल नहीं किया जाए। झूलन ने कहा कि अपने प्रदर्शन से निराश होकर उन्होंने कोच से ऐसा करने के लिए कहा था। 
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झूलन को कोलकाता में बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) द्वारा आयोजित एक समारोह में विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आईसीसी विमेंस वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में झूलन ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए थे। इस खिताबी मैच में भारतीय टीम को 9 रन से हार का सामना करना पड़ा था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झूलन को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से नवाजा।

सम्मानित होने के बाद झूलन ने कहा, 'महिला वर्ल्ड कप के शुरुआती दिनों में मैं अपने प्रदर्शन से खुश नहीं थी। मैं अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रही थी और इससे काफी निराश थी।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने अपने कोच तुषार अरोथे से बात की और कहा कि मैं अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रही हूं, इसलिए आप अगले मैच के लिए मुझे अंतिम एकादश से हटा सकते हैं। यह मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ था।' 
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कोच के जवाब से हैरान हो गईं झूलन

झूलन गोस्वामी - फोटो : twitter
अनुभवी गेंदबाज झूलन ने कहा, 'कोच ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह मुझे मैदान पर टीम के साथ और गेंदबाजी क्षेत्र का नेतृत्व करते देखना चाहते हैं।' इसके बाद से ही झूलन के फॉर्म में सुधार आया और उन्होंने विकेटों की झड़ी लगाई। 

आस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। झूलन ने कहा कि आस्ट्रेलिया के खिलाफ विकेट लेना जरूरी था, क्योंकि वह विश्व की सबसे बेहतरीन टीम है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लेनिंग बेहतरीन खिलाडिय़ों में शुमार हैं।

राज्य से और पिछले 10 साल से कैब से मिले समर्थन के बारे में झूलन ने कहा, 'मैं जब 2005-06 से मुंबई में एयर इंडिया से बंगाल आई थी, तो क्रिकेट के लिए अपनी तैयारियों को लेकर मिलने वाले अवसरों के लिए आश्वस्त नहीं थी। मुंबई में मैं एयर इंडिया में लडक़ों के साथ अभ्यास करती रहती थी।' 

उन्होंने कहा कि जब बीसीसीआई और भारतीय महिला क्रिकेट संघ (डब्ल्यूसीएआई) एक साथ आए थे, तो उनके दिमाग में यहीं सवाल था कि क्या उन्हें कोलकाता में अभ्यास का अवसर मिलेगा। हालांकि, उनकी यह चिंता दूर हुई और पिछले 10 साल में कैब से उन्हें अच्छा समर्थन मिला। उन्हें आशा है कि भविष्य में उन्हें और भी अवसर मिलेंगे।
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