रोहित शर्मा की जगह जसप्रीत बुमराह भारत के अगले कप्तान बनने की दौड़ में शामिल हैं, लेकिन उनके फिटनेस रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें लंबी अवधि के लिए टेस्ट कप्तान बनाने पर अड़चन आ रही है। बुमराह पीठ में जकड़ने के कारण अनफिट हैं और उनका अगले महीने होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में खेलना भी संदिग्ध बताया जा रहा है। भारतीय चयनकर्ताओं को इस तेज गेंदबाज के टूर्नामेंट में शामिल होने की उम्मीद है।
बुमराह को अभी सूजन है जिस कारण सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें टेस्ट में स्थायी कप्तान माना जा सकता है क्योंकि अब टेस्ट में रोहित शर्मा का भविष्य अब तय है। अगर बुमराह फिट हो जाते हैं और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट टीम की कमान संभालते हैं तो मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और चयन समिति के चार सदस्यों को एक मजबूत उपकप्तान की जरूरत होगी जिससे किसी भी उत्पन्न हुई स्थिति में उपकप्तान जिम्मेदारी संभालने के लिए सक्षम हो।
उपकप्तान के तौर पर कौन है विकल्प?
टेस्ट में फिलहाल उपकप्तान के तौर पर ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल ही ऐसे हैं जो सामने दिख रहे हैं। इसमें भी विकेटकीपर बल्लेबाज पंत का दावा ज्यादा मजबूत है। समझा जाता है कि शनिवार को अगरकर, मुख्य कोच गौतम गंभीर और रोहित के साथ बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के दौरान बुमराह की कमर के निचले हिस्से की समस्या सामने आई।
रोहित के इंग्लैंड जाने की संभावना कम
समीक्षा बैठक के बाद निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि रोहित के पांच टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड जाने की संभावना बहुत कम है और अगर सब कुछ ठीक रहा तो 31 वर्षीय बुमराह निश्चित रूप से हेडिंग्ले में पहले टेस्ट में टीम की अगुआई करेंगे। महज 203 मैच में 443 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बुमराह ने हाल में खत्म हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पर्थ और सिडनी में भारत का नेतृत्व किया तथा 32 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे जो विदेशी धरती पर किसी भारतीय द्वारा झटके सर्वाधिक विकेट हैं।
बुमराह की फिटनेस खड़े किए सवाल
अंतिम टेस्ट में पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव उनके लिए अच्छा साबित नहीं हुआ क्योंकि वह दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं कर सके। अब वह चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने के लिए बंगलुरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैबिलिटेशन से गुजरने के लिए तैयार हैं। इस चोट ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या बुमराह टेस्ट में तेज गेंदबाज के रूप में अपने कार्यभार को देखते हुए लंबे समय तक फिट रह सकते हैं जिनकी आईसीसी के सफेद गेंद के टूर्नामेंट के लिए भी जरूरत है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि जून 2025 से जून 2027 तक अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्लयूटीसी) चक्र के दौरान बुमराह को और चोट नहीं लगेगी और अब वह 30 साल की उम्र के पार हो चुके हैं। इसलिए चयनकर्ता दूसरी योजना तैयार करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं जिसमें कप्तानी के लिए एक और समान रूप से मजबूत उम्मीदवार को रखना शामिल हो जिसे उपकप्तान के रूप में तैयार किया जा सके।