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इंग्लैंड के खिलाफ भारत की राह आसान, इन दो स्टार खिलाड़ियों का सभी टेस्ट में खेलना तय नहीं

Mon, 30 Jul 2018 10:52 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा है कि भारत के खिलाफ एक अगस्त से शुरू हो रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्हें और जेम्स एंडरसन को रोटेट किया जाएगा ताकि उनके कार्यभार में संतुलन बनाया जा सके।

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इंग्लैंड के अनुभवी 36 वर्षीय तेज गेंदबाज एंडरसन ने अपनी कंधे की चोट से उबरने के लिए छह हफ्ते का ब्रेक लिया जबकि ब्रॉड को भी सीजन की शुरुआत में काउंटी मैच के दौरान चोट लग गई थी। ब्रॉड ने कहा, 'यह टॉस, पिचों और कार्यभार पर निर्भर करेगा। यदि 250 ओवरों के दो टेस्ट हो गए तो यह सोचना मुश्किल है कि सभी तेज गेंदबाज छह सप्ताह में पांचों टेस्ट खेलेंगे।'

उन्होंने कहा, 'जब पिच सपाट हो और स्पिनर काफी काम कर रहे हो तो आपको इतनी गेंदबाजी नहीं करनी पड़ती लेकिन जब गेंद रिवर्स स्विंग ले रही हो और पिच हरी-भरी हो तो कई बार आपका काम कई गुना बढ जाता है।' ब्रॉड ने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन पहले ही सूचित कर चुका है कि तेज गेंदबाजों का रोटेशन किया जाएगा।

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विराट और एंडरसन में प्रतिद्वंद्विता नहीं : ब्रॉड 

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ब्रॉड ने कहा, 'पहले ही इस पर चर्चा हो चुकी है कि किसी टेस्ट मैच से बाहर रहना पड़े तो दुखी होने की जरूरत नहीं है। यह कोई निजी हमला या बाहर करना नहीं है बल्कि प्रबंधन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी को बराबर मौका मिले।' उन्होंने कहा कि वह कभी खराब फॉर्म की वजह से बाहर नहीं होना चाहते।

ब्रॉड ने कहा, 'मैं ऐसे मुकाम पर नहीं पहुंचना चाहता जब मुझसे कहा जाए कि वापस लौटकर काउंटी क्रिकेट खेलो। आपकेबाहर होने पर नए गेंदबाज आते हैं। आप टीम में रहते हैं तो ईकाई का हिस्सा रहते हैं। पांच टेस्ट मैचों में बदलाव तो किए जाएंगे लेकिन हम इसे समझते हैं।'

भारत-इंग्लैंड सीरीज में सबकी निगाह इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और विराट कोहली के बीच होने वाले मुकाबले पर लगी हैं लेकिन मेजबान टीम के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड का मानना है कि वह इस थ्योरी से सहमत नहीं हैं कि एक खास गेंदबाज विश्व स्तरीय बल्लेबाज को निशाना बना सकता है।

आपको दोनों छोर से दबाव बनाने की जरूरत होती है। तब कहीं जाकर बल्लेबाज की ओर से गलती की गुंजाइश होती है। यदि वह जिम्मी (एंडरसन) को सतर्कता के साथ खेले हैं और मेरी गेंदों पर रन बनाएंगे तो वह लाभ की स्थिति तो खत्म हो जाती है। एक गेंदबाजी इकाई के रूप में सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि उनके बल्लेबाजों को रन बनाने में मुश्किल हो। जहां तक बात विराट जैसे बल्लेबाज की है तो हमें प्रयास कर उन पर दबाव बनाना होगा। 
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