इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का कहना है कि वह भारत के महान बल्लेबाज में से एक सचिन तेंदुलकर के साथ ट्रॉफी पर अपना देखकर अहसहज महसूस करते हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को अब एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के नाम पर किया गया है, पहले ये सीरीज पटौदी ट्रॉफी के तहत खेली थी जो भारत के पूर्व कप्तान इफ्तिखार अली खान पटौदी और उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी के नाम पर था।
यह सम्मान मिलने के बाद एंडरसन ने खुलासा करते हुए बताया कि इससे वह असहज हो गए थे क्योंकि ट्रॉफी में उनके नाम के साथ सचिन का नाम जुड़ा हुआ है। हालांकि, इंग्लैंड के इस पूर्व तेज गेंदबाज का कहना है कि दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में से एक सचिन के साथ उनका नाम होना बहुत ही सम्मान की बात है। तेंदुलकर ने 200 और एंडरसन ने 188 टेस्ट खेले हैं। पिछले साल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले एंडरसन ने 704 विकेट लिए हैं।
एंडरसन बोले- सचिन के साथ कुछ भी साझा करना सम्मान की बात
एंडरसन ने कहा, यह जरूरी नहीं कि आपके नाम पर ट्रॉफी का होना कितना बड़ा है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आपके नाम के साथ सचिन तेंदुलकर का नाम है, जो मेरे लिए अब तक के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक हैं। मैं ट्रॉफी पर अपने साथ उनका नाम देखता हूं तो बड़ा अजीब लगता है। मैं उनका काफी सम्मान करता हूं। मैने बचपन से उन्हें देखा है और उनके खिलाफ खेला है। वह इतने महान क्रिकेटर रहे हैं जिन्होंने पूरे देश की उम्मीदों का बोझ अपने पूरे करियर में उठाया है। उनके साथ इस तरह का कुछ साझा करना बहुत बड़ा सम्मान है।
सीरीज में आगे चल रहा है इंग्लैंड
एंडरसन-तेंदुलकर के नाम पर ट्रॉफी होने के बावजूद पटौदी नाम पूरी तरह से हटाया नहीं गया है। दरअसल, भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के विजयी कप्तान को पटौदी मेडल पहनाया जाएगा। भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक तीन मैच खेले जा चुके हैं। इंग्लैंड ने लीड्स में भारतीय टीम को हराया था, जबकि भारत ने बर्मिंघम में जीत हासिल कर सीरीज 1-1 से बराबर कर ली थी। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में 22 रनों से जीत दर्ज कर 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। दोनों टीमों के बीच अब 23 जुलाई से मैनचेस्टर में सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जाएगा। भारत को अगर सीरीज में बने रहना है तो उसे यह मुकाबला हर हाल में जीतना होगा।