टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का हाल फिलहाल में क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में शानदार प्रदर्शन रहा है। उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन कर सबका दिल जीत लिया था। उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में 23 विकेट झटके और ओवल टेस्ट में मैच-विनिंग प्रदर्शन किया, लेकिन हाल ही में सिराज ने खुलकर बताया कि सफलता के बावजूद उन्हें सोशल मीडिया ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा और कैसे कुछ लोग एक मैच के अंतर में उन्हें 'हीरो से जीरो' बना देते हैं।
'एक मैच में हीरो, अगले में जीरो!'
इंडियन एक्सप्रेस आइडिया एक्सचेंज कार्यक्रम में बातचीत के दौरान सिराज ने अपनी तकलीफ बयां करते हुए कहा, 'जब आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो दुनिया आपकी तारीफ करती है। लोग कहते हैं कि ऐसा गेंदबाज दुनिया में नहीं है, लेकिन अगर अगला मैच थोड़ा खराब चला जाए, तो वही लोग कहने लगते हैं कि अरे ये कौन है, कहां से उठा लाए हैं, जाओ ऑटो चलाओ।'
बुमराह भी हो चुके ट्रोल्स का शिकार
उन्होंने आगे कहा, 'मतलब, एक मैच में आप हीरो और अगले में जीरो? लोग इतनी जल्दी कैसे बदल जाते हैं?' यह बयान सिर्फ सिराज के दर्द को नहीं, बल्कि हर उस खिलाड़ी की हकीकत को दर्शाता है जो मैदान पर पूरी मेहनत झोंकता है, लेकिन ट्रोलिंग का शिकार बनता है। सिराज ने कहा, 'अब मुझे किसी की राय की जरूरत नहीं।' हाल फिलहाल में जसप्रीत बुमराह को भी ट्रोलिंग झेलनी पड़ी थी। उन्हें जब कमर में चोट लगी थी तो कई लोगों ने उन पर तंज कसा था।
कुछ ने कहा था कि उनका करियर खत्म हो गया, जबकि कुछ ने कहा था कि ये आईपीएल के लिए हमेशा फिट रहते हैं। हालांकि, 2023 वनडे विश्व कप और 2024 टी20 विश्व कप में बुमराह ने अपने प्रदर्शन से ट्रोल्स को करारा जवाब दिया था। इसके बाद बुमराह ने बयान देते हुए कहा था कि जो लोग कल उनकी आलोचना कर रहे थे, वही अब उनकी तारीफ कर रहे हैं।
'बाहरी राय की परवाह करना छोड़ दिया'
सिराज ने आगे कहा कि उन्होंने अब बाहरी राय की परवाह करना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, 'मुझे अब किसी की राय की जरूरत नहीं है। मेरे लिए मायने रखता है कि मेरा परिवार मेरे बारे में क्या सोचता है और मेरे साथी खिलाड़ी मेरे बारे में क्या सोचते हैं।' यह बयान सिराज की मानसिक मजबूती को दर्शाता है। कई बार खिलाड़ी मैदान पर जितनी लड़ाई विपक्षी टीम से नहीं लड़ते, उससे कहीं ज्यादा सोशल मीडिया पर आलोचना से लड़नी पड़ती है।
ऑटो रिक्शा ड्राइवर के बेटे से टीम इंडिया का स्टार
सिराज की कहानी संघर्ष और प्रेरणा से भरी है। हैदराबाद के एक साधारण परिवार से आने वाले सिराज के पिता ऑटो रिक्शा चलाते थे। सिराज ने कई बार कहा है कि उनके पिता का सपना था कि बेटा देश के लिए खेले और आज वे उसी सपने को जी रहे हैं। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें न सिर्फ भारतीय टीम का अहम सदस्य बनाया, बल्कि विश्व क्रिकेट में भी पहचान दिलाई।
इंग्लैंड सीरीज में रचा इतिहास
इंग्लैंड के खिलाफ सिराज का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। उन्होंने पांच टेस्ट में 23 विकेट झटके और कपिल देव और जसप्रीत बुमराह जैसी दिग्गज जोड़ी के साथ उस लिस्ट में शामिल हो गए, जिनके नाम एक से अधिक टेस्ट सीरीज में 20+ विकेट दर्ज हैं। उनकी धारदार गेंदबाजी ने भारत को सीरीज जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।
आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष 15 में सिराज
31 वर्षीय सिराज इस समय आईसीसी टेस्ट गेंदबाज रैंकिंग में 15वें स्थान पर हैं। उन्होंने हाल ही में अहमदाबाद टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ दोनों पारियों को मिलाकर सात विकेट लेकर भारत को पारी और 140 रनों से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनका कहना है कि वे अब केवल अपनी टीम और परिवार की उम्मीदों को पूरा करना चाहते हैं, बाहरी आलोचनाओं को नहीं।
ट्रोलिंग से ऊपर उठने की मिसाल
सिराज का यह बयान उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो आलोचना और दबाव के बीच अपने करियर को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर दिल में जुनून और इरादे साफ हों, तो कोई भी ट्रोल आपको नीचे नहीं गिरा सकता।