फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ishawar Pandey Retirement: 33 साल की उम्र में धोनी के चहेते गेंदबाज ने लिया संन्यास, वजह बेन स्टोक्स के समान

Tue, 13 Sep 2022 01:58 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईश्वर पांडे ने कहा कि वह मध्यप्रदेश की टीम में किसी और खिलाड़ी की जगह नहीं लेना चाहते हैं। इस वजह से संन्यास ले रहे हैं। रोड सेफ्टी सीरीज और लीजेंड लीग क्रिकेट में ईश्वर खेलेंगे। 
 
विज्ञापन
ईश्वर पांडे, मोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश के तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। हालांकि, वह रोड शेफ्टी सीरीज और लीजेंड लीग क्रिकेट में खेलते रहेंगे। ईश्वर भारत के लिए कोई मैच नहीं खेल पाए, लेकिन टीम इंडिया के न्यूजीलैंड दौरे पर उनका चयन जरूर हुआ था। ईश्वर वनडे और टेस्ट टीम का हिस्सा थे, लेकिन कप्तान धोनी ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया था और ईश्वर भारत के लिए डेब्यू करने से चूक गए थे। 
विज्ञापन


आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में कमाल करने वाले ईश्वर अपनी कद काठी और अच्छी गति के साथ गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे। आईपीएल में चेन्नई के लिए खेलते हुए उन्होंने काफी प्रभावित किया था। रणजी क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन शानदार था। हालांकि, उन्होंने सिर्फ 33 साल की उम्र में ही संन्यास लेने का फैसला किया है। 

संन्यास के पीछे स्टोक्स वाली वजह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईश्वर ने अपने संन्यास को लेकर कहा कि अब वह आईपीएल नहीं खेल रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खेलकर वह एक जगह ले रहे हैं। अगर उनकी जगह कोई दूसरा खिलाड़ी आता है तो वह बेहतर प्रदर्शन कर देश के लिए खेल सकता है। इसी वजह से उन्होंने सिर्फ 33 साल की उम्र में संन्यास ले लिया है।

इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने भी वनडे क्रिकेट से संन्यास का एलान करते हुए कहा था कि वह अपना 100 फीसदी नहीं दे पा रहे हैं। इस वजह से वह वनडे से संन्यास ले रहे हैं। उनकी जगह कोई दूसरा खिलाड़ी आएगा, जो देश के लिए अपना 100 फीसदी दे पाएगा और टीम को जिताने में ज्यादा योगदान देगा। 

ईश्वर पांड ने लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर अपने संन्यास का एलान किया



विज्ञापन

देश के लिए नहीं खेलने का दुख भी जताया
सोशल मीडिया पर अपने संन्यास का एलान करने वाले ईश्वर पांडे ने लिखा कि वह अपने जिले के पहले क्रिकेटर हैं, जिनका चयन देश की टीम में हुआ था। इस पर उन्हें हमेशा गर्व रहेगा, लेकिन देश के लिए कोई मैच नहीं खेल पाने का मलाल भी उन्हें है। अगर ईश्वर को कप्तान धोनी एक मैच खेलने का मौका देते तो हालात कुछ और हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय वह युवा थे और उनकी फिटनेस काफी बेहतर थी, भारत के लिए खेलने का मौका मिलता तो उनका करियर बेहतर हो सकता था। 

आईपीएल में धोनी के चहेते गेंदबाज रहे
आईपीएल में ईश्वर पांडे तीन टीमों के लिए खेले, राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स, चेन्नई सुपरकिंग्स और पुणे वॉरियर्स। धोनी भी इनमें से दो टीमों का हिस्सा थे। चेन्नई की कप्तानी करते हुए धोनी ने ईश्वर का बखूबी इस्तेमाल किया था और धोनी के सानिध्य में उनका खेल भी बेहतर हुआ था। हालांकि, राष्ट्रीय टीम में धोनी ईश्वर का करियर नहीं चमका पाए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें