इरफान पठान, अभिषेक शर्मा और युवराज सिंह
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टी20 इंटरनेशनल सीरीज में अभिषेक शर्मा भले ही अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से छा गए हों और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीत लिया हो, लेकिन पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने उनकी एक बड़ी कमजोरी की ओर इशारा किया है। पठान का मानना है कि अगर अभिषेक अपनी मौजूदा बल्लेबाजी शैली में बदलाव नहीं करते, तो भविष्य में विरोधी टीमें उन्हें आसानी से पढ़ सकती हैं।
'हर बार स्टेप आउट नहीं चलेगा'
इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा, 'अभिषेक शर्मा बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, आत्मविश्वास से भरे हैं और टी20 के हिसाब से शॉट खेल रहे हैं, लेकिन यह सब द्विपक्षीय सीरीज की बात है। वर्ल्ड कप में टीमें बहुत तैयारी के साथ आती हैं। अगर अभिषेक हर बार स्टेप आउट करके ही खेलेंगे, तो टीमें उन्हें वर्क आउट करना शुरू कर देंगी।'
पठान ने आगे कहा कि अभिषेक को अपने खेल में 'पिक एंड चूज' का संतुलन लाना चाहिए, यानी कब अटैक करना है और कब शांत रहना है, यह समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लगातार स्टेप आउट करने की आदत उन्हें मुश्किल में डाल सकती है, खासकर बड़ी टीमों के खिलाफ।
'यूवी से बात करूंगा', पठान का बयान वायरल
इरफान ने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि अभिषेक के कोच युवराज सिंह और टीम मैनेजमेंट इस पहलू पर ध्यान दे रहे होंगे। पठान ने मुस्कुराते हुए कहा, 'अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद युवी से बात कर लूंगा। अभिषेक में दम है, लेकिन उन्हें इस स्टेप आउट वाले पैटर्न पर थोड़ा काम करना होगा।' इरफान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर 'मैं यूवी से बात करूंगा' लाइन वायरल हो गई है, और फैंस इसे मजेदार अंदाज में शेयर कर रहे हैं।
वर्ल्ड कप से पहले सुधार जरूरी
इरफान पठान ने चेतावनी दी कि अगर अभिषेक अपनी इस आदत पर नियंत्रण नहीं रखते, तो वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में यह उनकी कमजोरी बन सकती है। उन्होंने कहा कि 'हर गेंदबाज को पहली ही गेंद पर स्टेप आउट नहीं किया जा सकता। यही फर्क होता है बाइलेटरल सीरीज और वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के बीच।'
पठान ने यह भी जोड़ा कि हाल ही में एक मैच में अभिषेक के दो कैच छूटे, अगर उनमें से एक भी कैच पकड़ लिया जाता, तो उनकी पारी वहीं खत्म हो सकती थी। इसलिए जोखिम और नियंत्रण के बीच संतुलन जरूरी है। इरफान का मानना है कि अभिषेक शर्मा का आक्रामक अंदाज टीम के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक बल्लेबाजी ही सफलता की असली कुंजी साबित होती है।