जब भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों की बात होगी तो 1983 विश्व कप विजेता कपिल देव का जिक्र सबसे पहले आएगा। टीम इंडिया को दोबारा खड़ा करने वाले सौरव गांगुली की बात होगी और एमएस धोनी को याद किया जाएगा, जिन्होंने अपनी अगुवाई में टीम इंडिया को तीन आईसीसी ट्रॉफिज दिलाई और अब कप्तान विराट कोहली आधुनिक क्रिकेट की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। सचिन तेंदुलकर और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी अलग-अलग समय पर टीम की कप्तानी की, लेकिन इन सब नाम के बीच राहुल द्रविड़ अक्सर कहीं छिप जाते हैं।
79 वन-डे में टीम इंडिया की कप्तानी करने वाले द्रविड़ ने 42 मैच में जीत तो 33 मुकाबले में हार देखी। एकदिवसीय मैच में उनके जीत का प्रतिशत 56 रहा। 25 टेस्ट में भी उन्होंने राष्ट्रीय टीम को 8 मैच में जीत दिलाई हालांकि छह मैच हार भी गए। बावजूद इसके लक्ष्य का पीछा करते हुए लगातार 17 एकदिवसीय मुकाबले जीतने वाले 'जैमी' की गिनती भारत के सफल कप्तानों में नहीं होती।
'क्रिकन्फो' से इंस्टाग्राम पर लाइव चैट करते हुए पूर्व भारतीय पेसर इरफान पठान ने कहा कि, 'राहुल द्रविड़ दुनिया में सबसे कम आंके जाने वाले क्रिकेटर' हैं। बतौर कप्तान द्रविड़ एक महान शख्सियत थे। वह जो कुछ भी टीम से चाहते थे उस पर बहुत स्पष्ट थे। हर कप्तान का अपना तरीका होता है, उनकी सोच अलग थी। वह बेहद स्पष्टवादी थे। इरफान ने कुछ इस अंदाज में द्रविड़ की कप्तानी पर प्रकाश डाला।
इरफान पठान की माने तो राहुल द्रविड़ हमेशा खिलाड़ियों के लिए खड़े रहते, जब भी कोई समस्या होती वह हमेशा आपके लिए खड़े होते, लेकिन द्रविड़ एक ऐसे कप्तान थे जिनसे आप अगर रात में दो बजे भी किसी समस्या पर संपर्क कर सकते तो वह तैयार रहते। एक कप्तान की भूमिका सभी खिलाड़ियों को साथ लेकर चलने की होती है और राहुल द्रविड़ ने ठीक वैसा ही किया।