क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में दो देशों इंग्लैंड और आयरलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले इकलौते खिलाड़ी बॉयड रैंकिन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इस तेज गेंदबाज ने 2003 में आयरलैंड के लिए पदार्पण किया था। उन्होंने अपने देश के लिए आखिरी टी20 मुकाबला 2020 में ग्रेटर नोएडा में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था।
36 वर्षीय रैंकिन ने इंग्लैंड के लिए 2013-14 एशेज टेस्ट मैच के अलावा सात वनडे और दो टी20 मैच खेले हैं। आयरलैंड को 2017 में टेस्ट दर्जा मिलने के बाद वह वापस अपने देश लौट गए। उन्होंने कुल तीन टेस्ट, 75 वनडे और 50 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। रैंकिन उन 15 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने दो देशों के लिए टेस्ट मैच खेले हैं।
उन्होंने कहा,‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना हमेशा कठिन होता है, लेकिन मुझे लगता है कि इस कदम के लिए यह सही समय है। मैंने 2003 से पेशेवर रूप से क्रिकेट खेलते हुए इसे अपना तन-मन देने के साथ खेल के हर पल का लुत्फ उठाया है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं आयरलैंड के लिए इतना खेलूंगा। कई विश्व कप में खेलने के साथ दुनिया की यात्रा करना और आयरिश जर्सी को पहनना कुछ ऐसा है जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा।’
11 साल वारविकशायर के लिए खेले
लंबे समय तक इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने वाले इस खिलाड़ी ने कहा,‘काउंटी क्रिकेट में भी एक लंबा कॅरिअर बनाना विशेष रूप से वारविकशायर के साथ 11 साल के कार्यकाल का मैं बहुत आभारी हूं। इस दौरान काउंटी चैंपियनशिप, दो बार 50 ओवर की प्रतियोगिता और 2014 में टी 20 ब्लास्ट को जीतना बहुत खास था। मैं हमेशा सबसे अच्छा खिलाड़ी बनने और शीर्ष स्तर पर खेलने का प्रयास करता था।
ऐसे समय में जब आयरलैंड को टेस्ट दर्जा नहीं मिला था तब इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना बहुत गर्व का क्षण था। मुझे उन सभी खिलाड़ियों की कमी खलेगी जिनके साथ मैंने सबसे अधिक खेला और उस दौरान जीत का लुत्फ उठाया।