यूरोपीय टीम आयरलैंड ने 2007 में पहली बार वनडे वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया। टूर्नामेंट में एक नई टीम के जोरदार प्रदर्शन ने क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया।
जिम्बाब्वे के साथ उसका पहला मैच टाई रहा, जबकि दूसरे मैच में दुनिया की चौथे नंबर की टीम पाकिस्तान को तीन विकेट से शिकस्त देकर बड़ा उलटफेर कर दिया। इन परिणाम के बाद टीम ने सुपर-आठ के लिए क्वालीफाई भी कर लिया।
इस चरण में उसे अपने शुरुआती चार मैचों में इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से हार मिली जबकि पांचवें और आखिरी मैच में उसने बांग्लादेश को पटखनी दी।
2011 वर्ल्ड कप में आयरलैंड की टीम भले ही पहले दौर से बाहर हो गई, लेकिन उसने इंग्लैंड के खिलाफ तीन विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन एक बार फिर किया।
केविन ओ'ब्रायन के रिकॉर्ड शतक की बदौलत टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। आयरलैंड ने 329 रन का लक्ष्य पांच गेंद शेष रहते हासिल किया। दो वर्ल्ड कप के प्रदर्शन के आधार पर इस टीम को छुपा रुस्तम कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
खास बातें
1993 में आईसीसी सदस्यता मिली।
आयरिश टीम- विलियम पोर्टरफील्ड (कप्तान), एंडी बालबिरिने, पीटर चेस, एलेक्स कुसाक, जॉर्ज डॉकरेल, एड जॉयस, एंडी मैकब्रिने, जॉन मूनी, टिम मुरटाघ, केविन ओब्रायन, नील ओब्रायन, पॉल स्टर्लिंग, स्टुअर्ट थॉम्पसन, गैरी विल्सन और क्रेग यंग।