आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के तार सीधे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसकी डी कंपनी से जुड़े हैं। मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने अदालत में यह सनसनीखेज खुलासा किया।
पुलिस ने कहा कि श्रीसंत और अन्य दो खिलाड़ी पूरी तरह से भारत के मोस्ट वांटेड दाऊद और उसके गुर्गे छोटा शकील के इशारों पर काम कर रहे थे।
पुलिस ने मामले में गिरफ्तार श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण समेत 26 अभियुक्तों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रित अधिनियम (मकोका) लगा दिया है। इस सख्त कानून के तहत आरोपियों को उम्र कैद की सजा हो सकती है।
पुलिस ने दावा किया कि उसके पास इंटरसेप्ट की गई टेलीफोन कॉल समेत कई ठोस सुबूत हैं, जिससे साफ है कि श्रीसंत और अन्य डी कंपनी के संपर्क में थे।
पुलिस ने अदालत को बताया कि मुंबई बमकांड मामले में फरार दाऊद इब्राहिम का गिरोह फिक्सिंग को कंट्रोल कर रहा है। यह एक संगठित अपराध है।
पुलिस ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत अवधि खत्म होने के बाद उन्हें मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन के समक्ष पेश किया। जहां से आरोपियों को 18 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इससे पहले पुलिस ने अदालत को बताया कि यह संगठित सिंडिकेट बुकीज के जरिए अवैध सट्टेबाजी को तो नियंत्रित कर ही रहा था, साथ ही खिलाड़ियों से फिक्सिंग भी करा रहा था।
सट्टे के रेट भी डी कंपनी से ही तय किए जा रहे थे। दाऊद के सिंडिकेट ने खिलाड़ियों, बुकीज और अन्य लोगों को डरा-धमका कर अपनी बात मनवाने के लिए शेख शकील जैसे खूंखार गुर्गे भी लगा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि मुंबई में गिरफ्तार बुकी रमेश व्यास सीधे दाऊद के संपर्क में था। इसके अलावा बुकी अश्वनी अग्रवाल उर्फ टिंकू मंडी भी दाऊद के संपर्क में था। इन दोनों को दिल्ली लाया जाएगा।
वहीं, जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंटरसेप्ट की गई कॉल से साफ पता चलता है कि कई सट्टेबाजों ने दुबई, कराची और पाकिस्तान के अन्य शहरों में कॉल कीं, जिसमें सट्टेबाजी के रेट तय करने या बदलने पर बात हुई।
फंस सकते हैं कुछ और खिलाड़ी
दिल्ली पुलिस हैदराबाद के एक शख्स की तलाश कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि यह व्यक्ति एक अन्य आईपीएल टीम के बारे में अहम जानकारी दे सकता है, जिसके खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने का शक है। हैदराबाद में गिरफ्तार बुकी मोहम्मद याह्या से पूछताछ में इस शख्स का नाम सामने आया है।