‘मैंने ड्रग्स जरूर लिया है, लेकिन मेरे पास ड्रग्स है नहीं।’ जी हां, दक्षिण मुंबई के कार्टर रोड से एस श्रीसंत को जब दबोचा गया तो उन्होंने दिल्ली पुलिस की टीम से यही कहा था।
पुलिस की कार्रवाई पर वे उलझन में थे और उन्हें लगा कि शायद पुलिस ड्रग्स के मामले में पकड़ रही है।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक पुलिस टीम को सख्त हिदायत थी कि गिरफ्तारी के समय श्रीसंत को नहीं बताया जाएगा कि उन्हें क्यों पकड़ा जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो मैदान पर बिगड़ैल के रूप में विख्यात श्रीसंत ने दिल्ली पुलिस की टीम से भी बदसलूकी की थी। जाल बिछाने के बाद दिल्ली पुलिस की 19 सदस्यीय टीम ने श्रीसंत पर शिकंजा कसा था।
गिरफ्तारी के समय श्रीसंत की कार में एक मराठी हीरोइन भी थी। पुलिस ने जैसे ही उन्हें रोकने का प्रयास किया, श्रीसंत बदसलूकी करने लगे।
एसआई ने दिल्ली पुलिस का अपना आईकार्ड दिखाया तो श्रीसंत का पारा नीचे आया। उसके बाद पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें अपनी कार में बैठा लिया, लेकिन उन्हें नहीं बताया गया कि क्यों पकड़ा जा रहा है।
पकड़े जाने पर श्रीसंत ने पुलिस को अपने मोबाइल फोन पर महाराष्ट्र और केरल के मुख्यमंत्रियों से बात करवाकर धौंस जमाने का प्रयास किया।
लेकिन एयरपोर्ट लाने के बाद पुलिस ने उन्हें बताया कि उसे वे फिक्सिंग के मामले में पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अगर श्रीसंत को फिक्सिंग के बारे में पहले ही बता दिया जाता तो और अन्य लोग फरार हो जाते।