इंडियन टी-20 लीग में पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन द्वारा जोस बटलर को किए गए मांकडिंग रनआउट पर विवाद बढ़ता जा रहा है। लीग के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने दावा किया है कि टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी समेत टी-20 लीग के सभी कप्तानों के साथ एक बैठक हुई थी, जिसमें मांकडिंग रनआउट न करने का फैसला लिया गया था।
बता दें कि अश्विन द्वारा गेंद फेंकने से पहले ही नॉन स्ट्राइक पर खड़े राजस्थान के बल्लेबाज जोस बटलर क्रीज से बाहर निकल गए थे, जिसके बाद अश्विन ने नॉन-स्ट्राइकर छोर की बेल्स गिराकर उन्हें रनआउट कर दिया था। ऐसे रनआउट को मांकडिंग रनआउट कहा जाता है।
अश्विन के इस रनआउट को कई लोगों ने सही बताया है तो कई लोगों ने इसे खेल भावना के विपरीत बताया है। राजस्थान के ब्रांड एंबेसडर शेन वॉर्न ने भी अश्विन की कड़ी आलोचना की है।
राजीव शुक्ला ने कहा कि इस तरह की बर्खास्तगी से बचने के लिए कप्तानों की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें मैच रेफरी समेत बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली और चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि अगर नॉन स्ट्राइक पर खड़ा कोई भी बल्लेबाज गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले क्रीज से बाहर निकल जाता है तो उसे मांकडिंग रनआउट नहीं किया जाएगा।
राजीव शुक्ला ने बताया कि संभवत: यह बैठक कोलकाता में इंडियन टी-20 लीग के किसी संस्करण के दौरान हुई थी। बता दें कि अश्विन का बटलर को रन आउट करना इंडियन टी-20 लीग के 12 संस्करणों में 'मांकडिंग' का यह पहला मामला है।