आईपीएल में चार साल बाद दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाजों में एक इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स की वापसी हुई है। कहा जाता है कि एलेक्स हेल्स अगर नियमित तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते तो कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते, लेकिन विवादों ने उनके करियर को बर्बाद कर दिया। संयोग की बात है कि हेल्स को उसी कोलकाता नाइटराइडर्स ने खरीदा है, जिसके पूर्व कप्तान इयॉन मॉर्गन को उन पर भरोसा नहीं है।
हेल्स ने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड के लिए खेलते हुए 122 गेंदों पर 171 रन बनाए थे। यह वनडे क्रिकेट में करीब 18 महीनों तक इंग्लैंड के लिए किसी बल्लेबाज का सर्वोच्च स्कोर था। उन्होंने अपने घरेलू मैदान ट्रेंटब्रिज पर यह पारी खेली थी। तूफानी बल्लेबाजी करने के बावजूद उन्हें मार्च 2019 में टीम से बाहर कर दिया था। इंग्लैंड के कप्तान इयॉन मॉर्गन ने कहा था कि वे भरोसे के लायक खिलाड़ी नहीं हैं।
हेल्स पर ड्रग्स लेने का आरोप लगा था। इसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने उनपर 21 दिनों का प्रतिबंध लगाया था। बाद में मामले की पुष्टि होने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। हेल्स इससे पहले ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के साथ विवादों में आए थे। दोनों ने ब्रिस्टल में शहर में मिलकर झगड़ा किया था। हेल्स के व्यवहार के कारण मॉर्गन उन्हें भरोसे के लायक नहीं मानते हैं।
कोलकाता नाइटराइडर्स ने पिछले सीजन के फाइनल में पहुंचाने वाले कप्तान इयॉन मॉर्गन को रिटेन नहीं किया था। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें नीलामी में भी नहीं खरीदा। आईपीएल में एलेक्स हेल्स की वापसी चार साल बाद हुई है। वे पिछली बार सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के लिए 2018 में खेले थे। इससे पहले वे 2015 में मुंबई इंडियंस के सदस्य थे, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था।
हेल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 2018 में छह मैच खेले थे। इस दौरान उन्होंने 24.67 की औसत से 148 रन बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 125.42 का रहा था। टी20 क्रिकेट की बात करें तो 60 मुकाबलों में उन्होंने 31.02 की औसत से 1644 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 136.66 का रहा है। उनके नाम एक शतक और एक अर्धशतक है। हेल्स दुनिया के कई टी20 लीग में खेलते हैं। वे अब तक 20 टीमों के सदस्य रह चुके हैं। कोलकाता हेल्स की 21वीं टीम होगी।