केदार जाधव (2 करोड़), मुजीब-उर-रहमान (1.5 करोड़), जे सुचित (30 करोड़)
नाथन कोल्टर नाइल (5 करोड़), एडम मिल्ने (3.2 करोड़), पीयूष चावला (2.4 करोड़), जेम्स नीशाम (50 लाख), युधिवीर चरक (20 लाख), मार्को तानसेन (20 लाख), अर्जुन तेंदुलकर (20 लाख)
शाकिब अल हसन (3.2 करोड़), हरभजन सिंह (2 करोड़), बेन कटिंग (75 लाख), करुण नायर (50 लाख), पवन नेगी (50 लाख), शेल्डन जैक्सन (20 लाख), वेंकटेश अय्यर (20 लाख) वैभव अरोड़ा (20 लाख)
सचिन तेंदुलकर भी आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते थे, अभी वो टीम के मेंटर हैं और चार सीजन में मुंबई इंडियंस की कप्तानी भी कर चुके हैं।
पहले खिलाड़ी हनुमा विहारी थे, इस भारतीय बल्लेबाज को किसी ने नहीं खरीदा। बेस प्राइस 1 करोड़ था।
ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मुंबई इंडियंस के लिए अच्छा करते आए हैं। कोलकाता नाइटराइडर्स को एक अच्छा खिलाड़ी मिल गया।
सनराइजर्स हैदराबाद ने भारतीय खिलाड़ी केदार जाधव को 2 करोड़ में लिया, उनके लिए किसी दूसरे खिलाड़ी ने बोली नहीं लगाई।
भारतीय बल्लेबाज करुण नायर को उनके बेस प्राइस 50 लाख में कोलकाता नाइटराइडर्स ने अपने साथ जोड़ा।
पिछले साल किंग्स इलेवन पंजाब का हिस्सा रहे इस ऑलराउंडर को बेस प्राइस 50 लाख में मुंबई इंडियंस ने खरीदा। यह एक अच्छा निवेश है।
अबतक यह अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी मुंबई इंडियंस के स्क्वॉड का हिस्सा होता था।
कुछ और नाम शेष हैं।
पंजाब किंग्स का एक और महंगा निवेश। हेनरिक्स टी-20 के अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं।
इंग्लैंड के इस तेज गेंदबाज को दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा।
अभी भी कई बड़े नाम आने शेष है।
सौराष्ट्र के 22 वर्षीय बाएं हाथ के पेसर चेतन सकरिया को राजस्थान रॉयल्स ने 1.20 करोड़ रुपये में खरीदा, उनका बेस्ट प्रदर्शन 11 रन देकर पांच विकेट का है।
केरल से आने वाले इस बल्लेबाज ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई के खिलाफ शानदार शतक ठोका था। बेस प्राइस में ही आरसीबी को एक शानदार खिलाड़ी मिल गया।
20 लाख बेस प्राइस था। 9 करोड़ 25 लाख में सीएसके ने खरीदा। KKR, चेन्नई और हैदराबाद के बीच टक्कर थी। फुल टाइम ऑफ स्पिनर बल्लेबाजी के लिए भी पहचाने जाते हैं।
20 लाख बेस प्राइस वाले चेन्नई के घरेलू खिलाड़ी शाहरुख खान पर फ्रेंचाइजियों ने दिलचस्पी दिखाई। 5 करोड़ 25 लाख में किंग्स इलेवन पंजाब ने खरीदा।
आरसीबी से रिलिज किए गए उमेश यादव को इस बार दिल्ली ने उनके बेस प्राइस में लिया।
बीते साल नीलमी में किंग्स पंजाब ने जिस शेल्डन कॉट्रेल को 8.5 करोड़ रुपये में खरीदा था, उन्हें इस बार कोई खरीदार नहीं मिला।
डेढ़ करोड़ का बेस प्राइस रखने वाले नाथन कोल्टर नाइल दोबारा मुंबई इंडियंस में गए।
1 करोड़ ने राजस्थान रॉयल्स ने मुस्ताफिजुर रहमान को खरीदा।
एडम मिल्न से शुरुआत हुई। न्यूजीलैंड के इस पेसर का बेस प्राइस 50 लाख था। मुंबई इंडियंस ने 3 करोड़ 20 लाख में खरीदा।
यह विकेटकीपर्स का समूह है। पहले खिलाड़ी ग्लेन फिलिप थे, उन्हें किसी ने नहीं खरीदा। ऑस्ट्रेलिया के 1.50 करोड़ बेस प्राइस वाले एलेक्स कैरी भी नहीं बिके। इंग्लैंड के सैम बिलिंग्स और श्रीलंका के कुसल परेरा पर भी बोली नहीं लगी।
राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 16 करोड़ 25 लाख में खरीदा। दक्षिण अफ्रीकी हरफनमौला खिलाड़ी क्रिस मॉरिस का बेस प्राइस 75 लाख था। पिछले साल उन्हें आरसीबी ने रिलिज किया था।
भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे को आरसीबी ने रिलीज किया था। महज 50 लाख के बेस प्राइस वाले इस हरफनमौला खिलाड़ी को 4 करोड़ 40 लाख में राजस्थान रॉयल्स ने अपने साथ जोड़ा।
मोईन अली का ब्रेस प्राइस 2 करोड़ था। किंग्स इलेवन पंजाब और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच कड़ी टक्कर थी, लेकिन अंत में बाजी धोनी सेना के हाथ लगी। सात करोड़ रुपये में बिके।
2 करोड़ की बेस प्राइस थी। 3 करोड़ 20 लाख में कोलकाता नाइटराइडर्स ने खरीदा। किंग्स इलेवन पंजाब भी दिलचस्पी दिखा रही थी।
भारतीय ऑलराउंडर का बेस प्राइस 2 करोड़ है।
राजीव शुक्ला ने चिट निकाली। पहली बोली ग्लेन मैक्सवेल के नाम की। पिछले साल उन्हें पंजाब ने काफी ऊंचे दाम में खरीदा था।
ऑस्ट्रेलियाई टी-20 कप्तान आरोन फिंच का बेस प्राइस 1 करोड़ था। किसी ने नहीं खरीदा।
कैरेबियाई विकेटकीपर बल्लेबाज मुंबई इंडियंस की ओर से खेल चुके हैं। देखना होगा दूसरे राउंड में कौन खरीदता है।
चौथे बल्लेबाज स्टीव स्मिथ पर पहली बोली आरबीसी ने की। दिल्ली कैपिटल्स ने भी दिलचस्पी दिखाई। 2 करोड़ वाले बेस प्राइस वाले स्टीव स्मिथ को 2 करोड़ 20 लाख में दिल्ली ने खरीदा।
दो करोड़ के बेस प्राइज वाले जेसन रॉय भी नहीं बिके।
इंग्लिश बल्लेबाज में किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
टेस्ट मैच में तिहरा शतक ठोकने वाले नायर में किसी टीम ने रूचि नहीं दिखाई। पहले दौर में अनसोल्ड रहे। किसी ने नहीं खरीदा।
कोरोना काल में क्रिकेट गतिविधियों पर बात कर रहे
कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नीलामी में एक फ्रेंचाइजी से 13 मेंबर ही हिस्सा ले पाएंगे। साथ ही सभी सदस्यों को दो RT-PCR भी कराना होगा। दोनों टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आनी चाहिए।
नीलामी के लिए 298 खिलाड़ी शामिल होंगे। आठ फ्रेंचाइजी टीमों को 61 स्थान भरने हैं। कोई भी टीम अधिकतम 25 खिलाड़ी ही रख सकती है, जिसमें से 8 खिलाड़ी ही विदेशी हो सकते हैं।