Impact Player Rule Faces Criticism: आईपीएल 2026 से पहले इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर खिलाड़ियों और कप्तानों का विरोध बढ़ गया है, जिसमें अक्षर पटेल और शुभमन गिल जैसे नाम शामिल हैं। ऑलराउंडर्स पर असर और खेल का संतुलन बिगड़ने की दलीलों के बावजूद बीसीसीआई ने इस नियम को 2027 तक जारी रखने का फैसला किया है।
आईपीएल 2026 के आगाज से ठीक पहले इम्पैक्ट प्लेयर नियम एक बार फिर बहस के केंद्र बन गया है। खिलाड़ियों से लेकर कप्तानों तक, कई बड़े नाम इस नियम पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इसे फिलहाल जारी रखने के पक्ष में है। ऐसे में टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही इस नियम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अक्षर पटेल ने जताई नाराजगी
सबसे पहले दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने इस नियम का खुलकर विरोध किया। उनका मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम से ऑलराउंडर खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। पहले टीमें ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देती थीं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें, लेकिन अब टीम मैनेजमेंट जरूरत के हिसाब से अलग बल्लेबाज या गेंदबाज को शामिल कर लेता है। इससे ऑलराउंडर की भूमिका कमजोर हो रही है और उनके विकास पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि अक्षर ने यह भी साफ किया कि नियम उनके हाथ में नहीं है, इसलिए खिलाड़ियों को मजबूरी में इसके मुताबिक खुद को ढालना पड़ता है।
शुभमन गिल
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शुभमन गिल भी हुए खफा
अक्षर के बाद गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने भी इस नियम पर सवाल खड़े किए। गिल का मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम क्रिकेट के मूल संतुलन को प्रभावित करता है। उनके अनुसार, क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है और एक अतिरिक्त खिलाड़ी जोड़ने से मुकाबला एकतरफा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस नियम से खेल की चुनौती कम हो जाती है, क्योंकि टीमों को अतिरिक्त सहारा मिल जाता है। गिल के मुताबिक, आसान पिच पर बड़े स्कोर का पीछा करने की बजाय मुश्किल परिस्थितियों में लक्ष्य हासिल करना ही असली रोमांच और कौशल की परीक्षा होती है।
बीसीसीआई के साथ बैठक में भी हुआ नियम का विरोध
इसी बीच मुंबई में आईपीएल से पहले सभी 10 टीमों के कप्तानों की बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकांश कप्तानों ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और बीसीसीआई से इसकी समीक्षा की मांग की। हालांकि बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इस नियम को 2027 तक बढ़ाया जा चुका है और उससे पहले इसमें बदलाव की संभावना नहीं है। बैठक में ओस के असर को कम करने के लिए गेंद बदलने जैसे सुझाव भी आए, लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिली।
क्या है इम्पैक्ट प्लेयर नियम?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम 2023 में लागू किया गया था। इसके तहत दोनों टीमों के कप्तान टॉस के समय अपनी 11 खिलाड़ियों की टीम बताएंगे और चार सब्सटीट्यूट खिलाड़ियों के नाम भी देंगे। इन चार खिलाड़ियों में से किसी एक खिलाड़ी को मैच के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में किसी भी खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल किया जा सकेगा। ऐसे में जिस खिलाड़ी को सब्सटीट्यूट किया जाएगा, वह मैच से बाहर होगा, जबकि बाकी का मैच इम्पैक्ट प्लेयर खेलेगा। मैच के दौरान फील्डिंग भी वही खिलाड़ी करेगा। कप्तान या टीम मैनेजमेंट को इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल करने से पहले अंपायर को सूचना देनी होगी। अगर टीम इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में किसी गेंदबाज को शामिल करती है तो उसे पूरे चार ओवर करने की छूट होगी। इस बात से फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने कितने ओवर किए थे। दोनों टीमें पारी के 14वें ओवर से पहले इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल कर सकेंगी।