आखिर कहां चूकी पंजाब किंग्स?
- लगातार हारों ने बिगाड़ा गणित
सीजन की सबसे बड़ी समस्या लगातार छह हार रहीं। शुरुआती बढ़त के बाद टीम अपनी लय कायम नहीं रख सकी। आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में मोमेंटम सबसे अहम होता है और पंजाब यही खो बैठी।
शुरुआती मैचों में शीर्ष क्रम ने टीम को जीत दिलाई, लेकिन बाद के मुकाबलों में मध्यक्रम दबाव में फ्लॉप साबित हुआ। बड़े मैचों में जिम्मेदारी लेने वाला बल्लेबाज लगातार नहीं मिला।
- डेथ ओवर गेंदबाजी रही कमजोर
कई मुकाबलों में पंजाब ने आखिरी ओवरों में जरूरत से ज्यादा रन लुटाए। करीबी मैचों में गेंदबाज दबाव संभाल नहीं पाए, जिसका सीधा असर नेट रन रेट और अंक तालिका पर पड़ा।
- दबाव वाले मैचों में अनुभव की कमी
जब प्लेऑफ की रेस तेज हुई, तब टीम संयम नहीं दिखा सकी। महत्वपूर्ण मौकों पर कैच छूटे, गलत फैसले हुए और मैच फिनिश करने की क्षमता कमजोर नजर आई।
- जीत की लय टूटने के बाद वापसी में देर
लगातार हारों के बाद टीम ने आखिर में वापसी जरूर की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अगर पंजाब बीच सीजन में सिर्फ दो मैच भी जीत लेती, तो समीकरण पूरी तरह बदल सकते थे।
फैंस फिर निराश
पिछले सीजन फाइनल तक पहुंचने के बाद इस बार पंजाब किंग्स से बड़ी उम्मीदें थीं। टीम ने शुरुआत में उन उम्मीदों को सही साबित भी किया, लेकिन अंत वही रहा जो पिछले कई वर्षों से होता आया है, अधूरा सपना और प्लेऑफ से पहले विदाई। अब एक बार फिर सवाल यही है कि आखिर पंजाब किंग्स कब अपनी क्षमता को पूरे सीजन में बरकरार रख पाएगी।