पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर सवाल उठाते हुए मुंबई इंडियंस की हार को उनकी रणनीतिक गलतियों का नतीजा बताया है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में लिए गए कुछ फैसलों को अश्विन ने समझ से परे बताया। बता दें कि, गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में चेन्नई ने मुंबई को 103 रनों के बड़े अंतर से हराकर अंक तालिका में पांचवां स्थान हासिल कर लिया।
टॉस जीतकर लिया गलत फैसला
अश्विन ने कहा कि पांड्या का टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला टीम पर भारी पड़ा। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ भी मुंबई इसी तरह हार चुकी थी। उस मैच में भी विरोधी टीम ने पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा किया था। अश्विन के मुताबिक, वानखेड़े जैसी पिच पर दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि पिच धीमी और चिपचिपी हो जाती है। ऐसे में चेन्नई जैसी टीम को पहले बल्लेबाजी का मौका देना बड़ी गलती साबित हुई।
मुंबई की खराब बल्लेबाजी
चेन्नई ने जहां 208 रन बनाए, वहीं मुंबई इंडियंस की टीम सिर्फ 104 रन पर ऑलआउट हो गई। अश्विन ने कहा कि गेंदबाजों ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन बल्लेबाज पूरी तरह फ्लॉप रहे।
डेथ ओवर में गलत रणनीति
अश्विन ने पांड्या के उस फैसले की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने आखिरी ओवर युवा गेंदबाज कृष भाट को दे दिया। भाट ने उस ओवर में 16 रन खर्च कर दिए। अश्विन का मानना है कि ऐसे दबाव वाले समय में कप्तान को खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पांड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ी को खुद आखिरी ओवर करना चाहिए था।
कप्तानी का दबाव भी वजह?
अश्विन ने यह भी माना कि कप्तानी का दबाव पांड्या के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। खासतौर पर जब उन्होंने रोहित शर्मा जैसे दिग्गज की जगह ली है और उन्हें अपने ही फैंस की आलोचना झेलनी पड़ रही है।