कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ गुरुवार को सभी ने उम्मीद छोड़ दी थी, तब मुकुल चौधरी ने सात छक्के लगाकर लखनऊ सुपर जाएंट्स को जीत दिलाई। राजस्थान के झुंझुनू निवासी मुकुल ने यह पारी अपने पिता दलीप कुमार चौधरी को समर्पित की है, जिनके कारण मुकुल के लिए रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर के गुरु का ज्ञान वरदान बन गया।
रोहित के गुरु से सीखे गुर
आईपीएल से पहले दलीप बेटे को रोहित शर्मा के कोच दिनेश लाड के पास लेकर गए थे। राजस्थान में कोच अनूप दबे ने यह सलाह दलीप को दी थी। द्रोणाचार्य अवॉर्डी दिनेश ने मुकुल को 4-5 दिन कोचिंग दी। दिनेश मुकुल से रन बनाने के लिए ग्रिप में हल्का परिवर्तन करने को कहा। दिनेश ने कहा कि अगर लगे कि इससे उन्हें कुछ फर्क पड़ रहा है, तभी वह इसमें परिवर्तन करें। मुकुल ने दिनेश की बात मानकर ग्रिप में परिवर्तन किया, जो उनके लिए वरदान बन गया।
कोचिंग फीस नहीं ली
लखनऊ की ओर से 2.60 करोड़ रुपये में लिए गए मुकुल ने माना कि लाड के कराए परिवर्तन से उन्हें फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि वह दिनेश लाड के पास इसी वजह से गए थे, क्योंकि उन्हें भी अपनी बल्लेबाजी में कुछ तकनीकी खामियां लगती थीं। दिनेश ने उनकी काफी मदद की। खुद मुकुल ने बताया कि दिनेश लाड ने उन्हें कोचिंग तो दी, लेकिन उनसे फीस के रूप में एक भी पैसा नहीं लिया। दरअसल मुकुल के पिता ने दिनेश लाड से कोचिंग की फीस की बात पूछी थी, लेकिन उन्होंने इसके लिए साफ मना कर दिया।
दिनेश बोले- उसकी प्रतिभा भगवान की देन है
दिनेश बताते हैं कि सोमवार को ही उन्होंने मुकुल से बात की थी। उन्होंने उससे कहा था कि वह पीछे की ओर खेल रहा है। बड़े शॉट लगाने हैं तो सामने की ओर खेलना होगा। मुकुल ने केकेआर के खिलाफ मैच में सामने की ओर ही ज्यादा खेला। दिनेश कहते हैं कि उन्होंने उसकी तकनीकी खामी दूर जरूर कराई है, लेकिन इसमें उनका योगदान कम है। दरअसल मुकुल के पास जो प्रतिभा है, वह भगवान की देन है। उसे कोचिंग देने के दौरान मैंने उनकी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बल्लेबाजी देखी। वह निश्चित रूप से भारतीय टीम में खेलने के योग्य हैं।