लखनऊ ने गुरुवार को कोलकाता के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। टीम की इस जीत में आयुष बडोनी और मुकुल चौधरी का अहम योगदान रहा। सुनील गावस्कर ने भी दोनों की तारीफ की।
लखनऊ सुपर जाएंट्स ने गुरुवार को आईपीएल 2026 का 15वां मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ तीन विकेट से जीत लिया। इस जीत में जितना योगदान मुकुल चौधरी का रहा, उतना ही श्रेय आयुष बडोनी को भी जाता है। उनकी अर्धशतकीय पारी भी टीम के लिए मुश्किल के वक्त ढाल बनी।
आयुष ने बनाया कीर्तिमान
आयुष बडोनी एलएसजी की ओर से नंबर-चार या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 50+ स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए। आयुष बडोनी ने ईडेन गार्डेन्स स्टेडियम में खेले गए सीजन के 15वें मैच में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए केकेआर के खिलाफ 34 गेंदों में दो छक्कों और सात चौकों के साथ 54 रन की पारी खेली। यह एलएसजी की तरफ से खेलते हुए बडोनी का नंबर-चार या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सातवां 50+ स्कोर था।
इस लिस्ट में निकोलस पूरन दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 5 बार यह कारनामा किया है। वहीं, दीपक हुड्डा और मार्कस स्टोइनिस चार-चार बार इस कारनामे के साथ संयुक्त रूप से तीसरे पायदान पर हैं। साल 2022 से लेकर अब तक इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 59 मुकाबलों में 1029 रन बनाए हैं। इस दौरान सात अर्धशतक लगाए।
आयुष बडोनी लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से 1000 रन का आंकड़ा छूने वाले तीसरे बल्लेबाज भी बन गए। इस लिस्ट में केएल राहुल शीर्ष पर हैं, जिन्होंने इस टीम की ओर से 1410 रन बनाए, जबकि निकोलस पूरन एलएसजी की तरफ से खेलते हुए 1403 रन बना चुके हैं।
गावस्कर ने की आयुष की तारीफ
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा है कि एलएसजी की जीत में हमें मुकुल के साथ ही आयुष बडोनी के योगदान को नहीं भूलना चाहिए। गावस्कर ने कहा, 'बडोनी की 54 रन की पारी को बहुत कम आंका गया है। इसी पारी ने एलएसजी को भरोसा बनाए रखने में मदद की। वह एक बहुत अच्छे ऑल-राउंड क्रिकेटर हैं। वह थोड़ी गेंदबाजी भी कर सकते हैं और एक बहुत अच्छे फील्डर भी हैं। इस सीजन में उन्हें एक इम्पैक्ट सब के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। उनका आना और जिस तरह से उन्होंने गेंद को टाइम करना शुरू किया, वह देखना बहुत शानदार था। हां, वह थोड़ा अटक गए क्योंकि सुनील नरेन एक शानदार स्पेल फेंक रहे थे, लेकिन जब वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ खेले, तो वह बहुत अच्छे टच में दिखे और उन्हें मैदान के सभी हिस्सों में मारते रहे। जैसे ही उन्होंने अपना हाफ-सेंचुरी बनाया, वह आउट हो गए। यह एलएसजी के लिए एक चिंता की बात रही होगी, लेकिन आपको आयुष को श्रेय देना होगा।'