राजस्थान रॉयल्स के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने जिस तरह आक्रामक बल्लेबाजी की उससे ये बल्लेबाज एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। वैभव के टैलेंट को पहचानने में राजस्थान के हाई परफॉर्मेंस निदेशक और टैलेंट स्काउट का हिस्सा जुबीन भरूचा का बड़ा योगदान है। उन्होंने अब बताया है कि किस तरह वैभव आईपीएल में इतने सफल हो रहे हैं।
जब सूर्यवंशी को देखकर भरूचा को याद आए सचिन
क्रिकेट की जबरदस्त समझ और बेमिसाल स्पष्टता की वजह से सूर्यवंशी अक्सर जुबिन भरूचा को युवा सचिन तेंदुलकर की याद दिलाते हैं जिनमें 15 साल की उम्र में ऐसे ही गुण थे। संभवत: देश के सबसे बेहतरीन आधुनिक बल्लेबाजी मेंटोर में से एक भरूचा ने सूर्यवंशी पर भी काम किया है। उन्होंने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के पीछे के विज्ञान और उन खासियतों के बारे में बताया जो उन्हें सबसे अलग बनाती हैं।
भरूचा ने कहा, वैभव की एक अनोखी खासियत यह है कि वह खेल के साथ-साथ खुद को भी बेहतर बनाता जाता है। लोग आज जो देखते हैं, वह तब आठ साल का था, तो ऐसा नहीं था। यह जबरदस्त बैक-लिफ्ट धीरे-धीरे तब विकसित हुई, जब उसके आस-पास गेंदबाजी का स्तर और गति बेहतर होती गई। दिलचस्प बात यह है कि जिस ट्रायल में उसने हिस्सा लिया था, उस ग्रुप में उनकी बल्ले की स्पीड सबसे तेज नहीं थी। इस बात को पहचाना गया और तीन महीने तक इस पर पूरी लगन से काम किया गया, जिसके बाद हम उनकी बल्ले की स्पीड में 30 प्रतिशत तक और सुधार कर पाए।
कौन सी बात सूर्यवंशी को अन्य बल्लेबाजों से बनाती है अलग?
तो आखिर ऐसी कौन सी बात है जो सूर्यवंशी को उन दूसरे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों से अलग बनाती है, जो इस समय उभरकर सामने आ रहे हैं? इस पर भरूचा ने कहा, गेंद को खेलने का फैसला थोड़ा देर से लेने की काबिलियत, यानी समय को एक पल के लिए थाम लेने की क्षमता ही बेहतरीन बल्लेबाजों की सबसे बड़ी पहचान होती है। इसका बहुत सारा श्रेय उसके बैकफुट पर लोड होने और उसके बैक-लिफ्ट को जाता है। बैक-लिफ्ट सिर्फ एक स्टाइल की बात नहीं है। जैसे ही गेंद आती है, शरीर, हाथ और आंखें मिलकर एक साथ काम करते हैं ताकि जगह का सही अंदाजा लग सके। महान बल्लेबाज सिर्फ गेंद पर प्रतिक्रिया नहीं करते, उन्हें गेंद से कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मिलती है। यह सिखाना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह नजर, टाइमिंग, संतुलन के मेल से बनता है।
सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में जो बात सबसे ज्यादा नजर आई है, वह है स्कोरिंग के मौकों में बढ़ोतरी। 2025 में उसके स्कोरिंग चार्ट में ऑन-साइड के शॉट का दबदबा था, लेकिन इस एक साल उसने ऑफ-साइड पर भी शॉट्स खेलना सीख लिया है। उन्होंने कहा, शीर्ष स्तर पर बल्लेबाजी का विकास सिर्फ कमजोरियों को दूर करने और दबाव में साफ सोच रखने के बारे में ही नहीं है, बल्कि अपनी रेंज बढ़ाने के बारे में भी है। दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल सत्र के बीच उसके अभ्यास करने के रूटीन में कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं आया है। पिछले कुछ साल से वह लगभग उतनी ही गेंदों पर अभ्यास कर रहा है। अब फर्क यह है कि उसका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। पहले, उसे पता था कि वह अंडर-19 के गेंदबाजों पर हावी हो सकता है। अब उसे विश्वास है कि वही तरीके, वही रफ्तार अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों के खिलाफ भी काम कर सकते हैं। यह अंदरूनी बदलाव बहुत बड़ा है।