कैसे शुरू हुआ विवाद?
पूरा विवाद एक ट्रोल अकाउंट की टिप्पणी से शुरू हुआ। उस यूजर ने वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर इयान बिशप की तारीफ करते हुए उन्हें हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग और नवजोत सिंह सिद्धू से ज्यादा भारतीय बताया। इस टिप्पणी के जरिए यूजर ने भारतीय खिलाड़ियों पर तंज कसने की कोशिश की।
हालांकि, मामला यहीं नहीं रुका। उसी यूजर ने आगे बढ़ते हुए हरभजन सिंह पर व्यक्तिगत टिप्पणी की और उन्हें सलाह दी कि वह अपनी कमेंट्री पर ध्यान दें। साथ ही यह भी कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो रविचंद्रन अश्विन उनकी जगह ले सकते हैं, जैसे उन्होंने भारतीय टीम में उनकी जगह ली थी।
हरभजन सिंह का जवाब
इस तरह की टिप्पणी से हरभजन सिंह नाराज हो गए और उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार कई पोस्ट करते हुए ट्रोल को जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने सख्त और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
हरभजन का यह अंदाज कई लोगों को पसंद नहीं आया, जबकि कुछ फैंस ने उनका समर्थन भी किया और कहा कि ट्रोल्स को उसी भाषा में जवाब देना जरूरी हो जाता है। हालांकि, सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा को लेकर एक अलग बहस भी छिड़ गई है।