आईपीएल के मौजूदा संस्करण में मुंबई इंडियंस का सफर अब तक कुछ खास नहीं रहा है। लगातार चार मैचों में मिली हार के बाद टीम फिलहाल अंक तालिका में सबसे निचेल पायदान पर है। सोमवार को मुंबई का सामना गुजरात टाइटंस से होना है। इससे पहले पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा समय के मशहूर कमेंटटेटर आकाश चोपड़ा ने हार्दिक पांड्या पर सवाल दागे हैं।
आकाश चोपड़ा ने उठाए हार्दिक के फॉर्म पर सवाल
मुंबई इंडियंस के खराब प्रदर्शन के चलते कप्तान हार्दिक पांड्या पर सवाल उठना लाजमी है। आकाश चोपड़ा ने भी उनकी बल्लेबाजी में प्रभाव की कमी पर चिंता जताई है। पांड्या का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी खास नहीं रहा है। उन्होंने चार मैचों में सिर्फ 81 रन बनाए हैं और दो विकेट लिए हैं (एक मैच बीमारी के कारण नहीं खेल सके)। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा कि पांड्या से एक बड़ी मैच जिताऊ पारी की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, 'अब आपने बल्लेबाजी क्रम ठीक कर लिया है। सूर्यकुमार यादव की बात नहीं करूंगा क्योंकि उन्होंने पहले कई मैच जिताए हैं, लेकिन हार्दिक की आखिरी मैच जिताऊ पारी कब आई, याद नहीं। हमने कई अच्छे कैमियो देखे हैं, लेकिन 70-80 रन की वो पारी, जिससे टीम अकेले जीत जाए वो पारी हार्दिक खेल सकते हैं।'
रोहित को कप्तानी सौंपने का सुझाव
चोपड़ा ने आगे कहा कि टीम को नए विचार और निडर रवैये की जरूरत है, और शेरफेन रदरफोर्ड को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पांच बार की चैंपियन मुंबई इस समय अंक तालिका में 10वें स्थान पर है। पांड्या की आलोचना सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है। पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनोज तिवारी ने उनकी कप्तानी पर भी सवाल उठाए हैं और सुझाव दिया है कि टीम को स्थिरता के लिए रोहित शर्मा को फिर से कप्तान बनाना चाहिए, जिन्होंने टीम को पांच खिताब दिलाए हैं।
क्या हार्दिक पांड्या ही मुंबई की खराब स्थिति के जिम्मेदार?
हालांकि पांड्या का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, लेकिन टीम की समस्या सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है। मुंबई की गेंदबाजी लगातार कमजोर रही है और टीम बड़े स्कोर भी बचाने में नाकाम रही है, जिससे बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ता है। फिर भी, कप्तान और ऑलराउंडर होने के नाते पांड्या की जिम्मेदारी ज्यादा हो जाती है। अगर वह एक बड़ी मैच जिताऊ पारी खेलते हैं, तो टीम को नई ऊर्जा मिल सकती है। जब तक ऐसा नहीं होता, उनकी कप्तानी और प्रदर्शन पर सवाल उठते रहेंगे।