भारत के स्टार चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद कहर बरपाया था। ऐसा माना जा रहा था कि इस कलाई के स्पिनर का कभी खराब दौर नहीं आएगा। हालांकि, 2019 विश्व कप के बाद कुलदीप को खराब फॉर्म के लिए टीम से बाहर किया गया। इसके बाद अगले कुछ वर्षों तक वह रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में आते रहे, लेकिन 2023 उनके लिए शानदार रहा। इस साल उन्होंने आईपीएल में भी शानदार प्रदर्शन किया और कड़ी मेहनत कर भारतीय प्लेइंग-11 में जगह बनाई। वह 2023 वनडे विश्व कप में टीम इंडिया के अहम गेंदबाज साबित हुए। अब कुलदीप ने खुलासा किया है कि केकेआर में खेलने के दौरान वेस्टइंडीज के पूर्व स्पिनर सुनील नरेन ने उनकी काफी मदद की थी। कुलदीप फिलहाल दिल्ली कैपिटल्स की टीम में हैं।
नरेन के आभारी हैं कुलदीप यादव
कुलदीप ने कहा कि वह सुनील नरेन के आभारी हैं। नरेन ने कुलदीप को ‘लेंथ गेंदबाजी’ करने का महत्व सिखाया जिससे उन्हें और अधिक प्रभावी स्पिनर बनने में मदद मिली। कुलदीप और नरेन लंबे समय तक कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम में साथी थे। इसके बाद भारतीय स्पिनर दिल्ली कैपिटल्स में चले गए, जबकि वेस्टइंडीज का ऑलराउंडर गत चैंपियन केकेआर के साथ 10 साल से अधिक समय से जुड़ा हुआ है।
'हावी होने का लक्ष्य रखना चाहिए'
हाल में चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य कुलदीप ने जियोहॉटस्टार से कहा, 'एक गेंदबाज के रूप में आपको हावी होने का लक्ष्य रखना चाहिए। जसप्रीत बुमराह और सुनील नारायण जैसे खिलाड़ियों ने लगातार ऐसा किया है। मैंने केकेआर में रहते हुए सुनील नारायण से बहुत कुछ सीखा। वह अपने समय से आगे थे। उन्होंने हमेशा लेंथ गेंदबाजी के महत्व पर जोर दिया।'
'मैंने अपनी लेंथ पर बहुत ध्यान दिया है'
उन्होंने कहा, 'उस समय मुझे लगता था कि मैं केवल अपने कौशल पर भरोसा कर सकता हूं, लेकिन अब मुझे लगता है कि वह बिल्कुल सही थे। चोट से वापसी के बाद से मैंने अपनी लेंथ पर बहुत ध्यान दिया है और इससे काफी फर्क पड़ा है।' कुलदीप ने विशाखापत्तनम में 20 रन देकर दो विकेट लेकर लखनऊ सुपर जाइंट्स के खिलाफ दिल्ली की एक विकेट की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
'आईपीएल में अच्छी इकोनॉमी रेट बनाए रखना मुश्किल'
बाएं हाथ के इस 30 वर्षीय स्पिनर ने कहा कि टूर्नामेंट में शीर्ष आक्रामक बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए आईपीएल में अच्छी इकोनॉमी रेट बनाए रखना बेहद मुश्किल है। कुलदीप ने कहा, 'आईपीएल गेंदबाजों के लिए बहुत कठिन है – यह अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है। आप विकेट ले सकते हैं लेकिन आप हमेशा छह या सात रन प्रति ओवर की इकोनामी रेट बनाए रखने की उम्मीद नहीं कर सकते। यह उच्च गुणवत्ता वाले खिलाड़ियों की मौजूदगी में एक चुनौतीपूर्ण प्रारूप है।'