आईपीएल में लग रहे लंबे छक्कों को ध्यान में रखते हुए परंपरा से हटकर मैदानी अंपायरों ने बल्लेबाजों के बल्ले के आकार की आकस्मिक जांच शुरू कर दी है। बल्ले की जांच का उद्देश्य बल्लेबाजों को अनुचित लाभ से रोकना है। बल्लों की जांच एक प्रचिलित प्रक्रिया है, लेकिन पिछले सत्र तक इसे ड्रेसिंग रूम के अंदर तक ही सीमित करके रखा गया था, लेकिन आईपीएल में बल्लेबाजों की ओर से लगातार लगाए जा रहे लंबे और बड़े स्ट्रोकों को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने और भी ज्यादा सतर्क रहने का फैसला लिया है। इसके तहत बोर्ड ने मैदानी अंपायरों को लाइव मैच के दौरान बल्लेबाजों के बल्ले की जांच का अधिकार दिया है। अंपायरों को अगर मैच के दौरान लगता है कि बल्लेबाज का बल्ला निर्धारित आकार से अधिक मोटा है तो वे मैच के बीच में ही उसके बल्ले की जांच कर सकते हैं।