लखनऊ सुपर जाएंट्स ने शनिवार को आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स पर दो रन की रोमांचक जीत हासिल की थी। डेथ ओवरों में आवेश खान ने यॉर्कर पर यॉर्कर गेंदें की, जिससे राजस्थान की टीम छह गेंद में नौ रन नहीं बना सकी थीं। जीत के बाद आवेश ने कहा है कि वह यॉर्कर पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे, जो मुश्किल परिस्थितियों में उनका मुख्य हथियार है। आवेश ने 18वें और 20वें ओवर में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल मिलाकर 11 रन दिए। लखनऊ ने आखिरी तीन ओवरों में 25 रन का बचाव किया था।
'यॉर्कर फेंकना जारी रखूंगा'
आवेश ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैं यॉर्कर फेंकना जारी रखने की कोशिश करूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि यॉर्कर मेरी सबसे अच्छी गेंद है। मैं हमेशा किसी भी स्थिति में यॉर्कर फेंकने की कोशिश करता हूं। आईपीएल में खुद पर भरोसा रखना महत्वपूर्ण होता है।' आवेश ने कहा कि वह किसी तरह से दबाव में नहीं थे क्योंकि जब वह 18वें ओवर में गेंदबाजी करने आए तो रॉयल्स जीत की ओर बढ़ रहा था और उसके आठ विकेट बचे हुए थे।
उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा अपनी रणनीति पर अमल करने की कोशिश करता हूं। जब भी मैं गेंदबाजी के लिए आता हूं तो किसी तरह के दबाव में नहीं रहता हूं। मैं जो भी गेंद करता हूं उस पर पूरा भरोसा रखता हूं।' आवेश ने कहा, 'आईपीएल में बड़े स्कोर बन रहे हैं और गेंदबाज काफी रन दे रहे हैं। पहले ओवर में मैंने भी 13 रन दिए लेकिन मैं हमेशा परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करता हूं और अपनी रणनीति को सही तरह से लागू करने पर ध्यान देता हूं।'
'यशस्वी-रियान के आउट होने का फायदा मिला'
आवेश खान
- फोटो : IPL/BCCI
इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि 18वें ओवर में यशस्वी जायसवाल और रियान पराग के आउट होने से लखनऊ को काफी फायदा मिला क्योंकि इससे डेथ ओवरों में दो नए बल्लेबाज क्रीज पर थे। उन्होंने कहा, 'अगर कोई नया बल्लेबाज आता है, तो उसके लिए यह इतना आसान नहीं होता है। नए बल्लेबाज के लिए, किसी भी स्थिति में आना मुश्किल होता है, खासकर जब गेंद थोड़ी नीचे रह रही हो।'
मध्य प्रदेश के तेज गेंदबाज ने कहा कि जब डेविड मिलर ने शुभम दुबे का कैच छोड़ा तो वह थोड़ा तनाव में थे। दुबे ने दो रन लिए जबकि रॉयल्स को जीत के लिए आखिरी गेंद पर चार रन चाहिए थे। आवेश ने कहा, 'जैसे ही गेंद हवा में गई तो मैं सोच रहा था कि मिलर इसे पकड़ लेंगे। वह पूरी तरह से गेंद के नीचे थे। लेकिन जब कैच छूट गया तो मैं थोड़ा निराश हो गया। लेकिन मुझे आखिरी गेंद पर चार रन बचाने का भरोसा था।'
आवेश ने कहा कि वह रोमांचक जीत का जश्न नहीं मना सके क्योंकि दुबे का शॉट फील्डर के पास जाने से पहले उनके टखने पर लगा था। उन्होंने कहा, 'मुझे जश्न मनाने का मौका भी नहीं मिला। शुरू में मुझे लगा कि गेंद मेरी हड्डी पर लगी है। मैं आसमान की तरफ देख रहा था और मुझे अपनी आंखें बंद करनी पड़ी।'