प्रवीण आमरे ने पृ्थ्वी को लेकर बयान दिया
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पृथ्वी शॉ ने तब सुर्खियां बटोरीं जब वह आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में अनसोल्ड रहे। शॉ को मेगा नीलामी से पहले दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) ने रिलीज किया था। उन्होंने अपना आधार मूल्य 75 लाख रुपये रखा था, लेकिन किसी ने भी उनपर बोली नहीं लगाई। हाल के महीनों में शॉ को अनुशासनहीनता के आरोप में मुंबई की रणजी ट्रॉफी टीम से भी हटा दिया गया था। 25 वर्षीय के पतन पर बोलते हुए दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व टैलेंड स्काउट और सहायक कोच प्रवीण आमरे ने अनुमान लगाया कि इतनी कम उम्र में 30-40 करोड़ रुपये के करीब कमाई ने शॉ को करियर की पटरी से उतार दिया होगा। शॉ को डीसी में लाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले आमरे ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने शॉ को विनोद कांबली का उदाहरण दिया था, लेकिन वह भी काम नहीं आया।
'पृथ्वी शॉ को विनोद कांबली का उदाहरण दिया था'
पृथ्वी शॉ
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आमरे ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'तीन साल पहले मैंने उन्हें विनोद कांबली का उदाहरण दिया था। मैंने कांबली के पतन को करीब से देखा है। इस पीढ़ी को कुछ चीजें सिखाना आसान नहीं है।' विनोद कांबली 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में करियर की शुरुआत की थी। वह सचिन तेंदुलकर के साथ एक ही समय में भारतीय टीम में आए थे। हालांकि, तेंदुलकर के विपरीत कांबली का करियर कम उम्र में पटरी से उतर गया। उन्होंने 23 साल की उम्र में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था।
आमरे ने कहा, 'दिल्ली कैपिटल्स की बदौलत शॉ ने 23 साल की उम्र तक 30-40 करोड़ रुपये कमा लिए होंगे। क्या आईआईएम ग्रेजुएट को भी इतना पैसा मिलेगा? जब आप इतनी कम उम्र में इतना कमाते हैं, तो आप पूरा ध्यान खो देते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप पैसे का प्रबंधन करना जानते हों, अच्छे दोस्त बनाएं और क्रिकेट को प्राथमिकता दें।'
'क्रिकेट में तीन-डी बेहद महत्वपूर्ण'
पृथ्वी शॉ
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शॉ को दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2022 रिटेंशन में 7.5 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। आमरे ने कहा, 'अनुशासनहीनता ने पृथ्वी के करियर को बाधित किया। वापस आने और अच्छा प्रदर्शन करने की भूख गायब थी।' उन्होंने कहा, 'यह निराशाजनक है कि उनके जैसी प्रतिभा विपरीत दिशा में जा रही है। किसी ने मुझे बताया कि सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के लिए मुंबई रवाना होने से पहले पृथ्वी ने क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में अभ्यास मैच में शानदार शतक जड़ा था। शायद वह ग्लैमर और पैसे, आईपीएल के दुष्प्रभावों को संभाल नहीं सके। उनका उदाहरण भारतीय क्रिकेट में केस स्टडी हो सकता है। जो उसके साथ हो रहा है, वह अन्य क्रिकेटरों के साथ नहीं होना चाहिए। अकेले प्रतिभा आपको शीर्ष पर नहीं ले जा सकती। तीन डी - अनुशासन, दृढ़ संकल्प और समर्पण - महत्वपूर्ण हैं।'
शॉ की तुलना बड़े खिलाड़ियों से होती थी
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शॉ को क्रिकेट बिरादरी में कई बड़े नामों से मार्गदर्शन मिला है। रिकी पोंटिंग और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज डीसी के साथ काम कर चुके हैं। अपने अंडर-19 करियर के दौरान पृथ्वी ने राहुल द्रविड़ के साथ काम किया था और यहां तक कि सचिन तेंदुलकर से सलाह भी ली है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। पृथ्वी की तुलना एक समय ब्रायन लारा, सहवाग और सचिन जैसे दिग्गजों से होती थी। उन्होंने घरेलू टूर्नामेंट्स में कई रिकॉर्ड्स बनाए और तोड़े, लेकिन इतनी कम उम्र में उनका करियर समाप्ती की ओर है।