भारतीय चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव आईपीएल के मौजूदा सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। जब वह कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) का हिस्सा थे तो उनके प्रदर्शन में गिरवाट आई थी, लेकिन दिल्ली से जुड़ने के बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन से ना सिर्फ दिल्ली का दिल जीता बल्कि राष्ट्रीय टीम में भी जगह सुनिश्चित की।
केकेआर में रहने के दौरान नहीं कर पा रहे थे प्रभावशाली प्रदर्शन
कुलदीप केकेआर के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे और 2019 से 2021 तक उनका मनोबल काफी गिरा हुआ था। उस दौरान कुलदीप चोट की समस्याओं से भी घिरे हुए थे। हालांकि ऋषभ पंत की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने के बाद कुलदीप के प्रदर्शन में सुधार देखने मिला। कुलदीप 2022 सीजन से अब तक 33 आईपीएल मैचों में 41 विकेट ले चुके हैं। कलाई के इस स्पिनर ने अब केकेआर में रहने के दिनों को याद किया और इस बात से निराश हुए कि वह उस दौरान इतने परिपक्व नहीं थे।
'अब मार्गदर्शन की जरूरत नहीं'
कुलदीप ने बताया कि 2020 में घुटने के ऑपरेशन के बाद कोच कपिल पांडे की देखरेख में उन्होंने अभ्यास किया जिसका फायदा मिला। उन्होंने कहा, जब मैं केकेआर में था तो मुझे मार्गदर्शन की जरूरत थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है। अब मैं अपनी समझ से चीजें नियंत्रित करता हूं। धोनी भाई ने 2019 के बाद भारत के लिए खेलना छोड़ दिया था और उसके बाद मुझे मार्गदर्शन की जरूरत हुई। अब अनुभव के साथ मैं चीजों को बेहतर तरीके से समझने लगा हूं। मैं केकेआर के लिए 2016 से 2020 तक खेला और अभी भी मुझे अपने उस समय पर पछतावा है। मुझे लगता है कि जो कुछ भी अभी कर रहा हूं काश पहले ही इसे कर पाता। मुझे दुख होता है कि अगर मैंने उस समय उन कौशलों पर काम किया होता तो मैं और भी अधिक प्रभावी हो सकता था।
पर्पल कैप में दौड़ में शामिल हैं कुलदीप
कुलदीप इस सीजन दिल्ली कैपिटल्स के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और वह पर्पल कैप की दौड़ में शामिल हैं। कुलदीप मौजूदा सीजन में पांच मैचों में 10 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में बेहतर प्रदर्शन किया था और उस मैच में दिल्ली की वापसी कराई थी।