दरअसल, 150 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक वक्त राजस्थान ने 12.5 ओवर में एक विकेट पर 147 रन बना लिए थे। तब आरआर की टीम को तीन रन की जरूरत थी। 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर स्ट्राइक पर संजू सैमसन थे। गेंदबाजी युवा लेग स्पिनर सुयश शर्मा कर रहे थे। उन्होंने लेग स्टंप के बाहर गेंद फेंकी, ताकि गेंद वाइड से होकर चौके के लिए चली जाए। हालांकि, सैमसन ने ऐसा नहीं होने दिया और उन्होंने वाइड गेंद को शरीर पर खेलकर ब्लॉक कर दिया, ताकि वह एक लीगल डिलीवरी हो। इसके बाद सैमसन ने यशस्वी से अगले ओवर (14वें) की पहली गेंद पर छक्का लगाने और शतक पूरा करने के लिए कहा। हालांकि, यशस्वी सिर्फ चार रन लगा सके और दो रन से शतक से चूक गए।
इस घटना पर अपना विचार रखते हुए आकाश चोपड़ा गुस्से में नजर आए। उन्होंने ट्वीट किया- यशस्वी को उनके 100 रन तक पहुंचने से रोकने के लिए वाइड गेंदबाजी करने की कोशिश... मेरी विनम्र राय में एक खराब तरीका। इसके बाद आकाश ने एक काल्पनिक उदाहरण दिया कि कुछ पाकिस्तानी गेंदबाज विराट कोहली के खिलाफ ऐसा ही करने की कोशिश कर रहे होते तो दुनिया उस पर क्या प्रतिक्रिया दे रही होती।
आकाश ने लिखा- कल्पना कीजिए कि एक पाकिस्तानी गेंदबाज कोहली को शतक बनाने से रोकने के लिए ऐसा कर रहा है। वही लोग जो ज्ञान दे रहे हैं कि यशस्वी को शतक से रोकना और वाइड बॉल फेंकना ठीक है और यह जानबूझकर नहीं किया गया था, कोहली के केस में गेंदबाज मिनटों में ट्रेंड करना शुरू कर देता। ट्रोलिंग लेवल ही अलग होता तब। मेरे विनम्र विचार में ट्विटर का विशिष्ट व्यवहार होता।