हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान धवन से 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीति में शामिल होने की उनकी योजना के बारे में पूछा गया। धवन ने कहा कि फिलहाल उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है लेकिन भविष्य में मौका मिलने पर वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा- फिलहाल मेरी ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन अगर यह मेरे भाग्य में लिखा है तो मैं निश्चित रूप से इसके लिए जाऊंगा। मैं जिस भी क्षेत्र में जाऊंगा, मैं अपना 100 प्रतिशत दूंगा और मुझे पता है कि सफलता निश्चित है।
धवन ने कहा- मैं 11 साल की उम्र से कड़ी मेहनत कर रहा हूं और हर क्षेत्र में एक समान सफलता का मंत्र है। क्रिकेट खेलने का फायदा यह है कि यह एक टीम गेम है और आप जानते हैं कि आपको कब बाहर निकलना है और क्या कदम उठाना है। अब तक मैंने राजनीति में शामिल होने की अपनी योजनाओं के बारे में किसी से बात नहीं की है, लेकिन आपको पता नहीं है कि भगवान की क्या इच्छा है। अगर यह भगवान की इच्छा है, तो मैं निश्चित रूप से इसे हासिल कर लूंगा।
धवन ने भारतीय टीम में चयन प्रक्रिया पर भी बात की। धवन ने कहा कि उन्हें वनडे टीम से ड्रॉप करना और शुभमन गिल को मौका देना चयनकर्ताओं, कप्तान और कोच का एक सही निर्णय था। उन्होंने कहा कि अगर वह चयनकर्ता होते तो खुद भी ऐसा ही करते। साथ ही धवन ने भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदें नहीं छोड़ी हैं। उन्हें अब भी उम्मीद है कि वह वापसी कर सकते हैं और इसके लिए वह कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं।
धवन से पूछा गया कि अगर वह चयनकर्ता या टीम के कप्तान होते तो खुद को कब तक मौका देते? इसके जवाब में पूर्व कप्तान ने कहा- मुझे लगता है कि शुभमन पहले से ही टेस्ट और टी20 दोनों प्रारूपों में खेल रहे थे और वाकई अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। अगर मैं चयनकर्ता होता, तो मैं भी शुभमन को मौका देता। यह पूछे जाने पर कि क्या वह शुभमन को अपने ऊपर तरजीह देंगे? इस पर भी धवन ने हां कहा। इसके साथ ही धवन आने वाले किसी भी अवसर के लिए तैयार रहना चाहते हैं। धवन ने कहा- भले ही मौका न आए, मुझे अपने दिल में इस बात का पछतावा नहीं होगा कि मैंने खुद को तैयार नहीं किया। मेरे हाथ में जो कुछ भी है, मैं वह करना चाहता हूं।