क्या है नट-बोल्ट वाला मामला?
दरअसल, मैच के 19वें ओवर की तीसरी गेंद के बाद सारा विवाद शुरू हुआ। आवेश की फुलटॉस गेंद पर अब्दुल समद ने एक रन लिया। यह बल्लेबाज के लिए एक खतरनाक गेंद थी। अंपायर ने नो-बॉल करार दिया। लखनऊ के कप्तान क्रुणाल पांड्या ने इस नो-बॉल के खिलाफ रिव्यू लिया। फिर थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बदल लिया। उन्होंने नो-बॉल नहीं दिया। अब्दुल समद इससे खुश नहीं थे। उन्होंने लेग अंपायर से इसकी शिकायत की।
लखनऊ ने ट्वीट कर हैदराबाद को किया ट्रोल
नो-बॉल को लेकर लखनऊ सुपर जाएंट्स ने सोशल मीडिया पर सनराइजर्स हैदराबाद के मजे ले लिए। उसने लिखा, ''हर बार नो-बॉल नहीं मिलता।'' दरअसल, राजस्थान के खिलाफ मैच में हैदराबाद को संदीप शर्मा की अंतिम गेंद पर नो-बॉल मिल गया था। तब अब्दुल समद ने मौके का फायदा उठाकर छक्का लगा दिया और टीम को जीत दिला दी।
अंपायर ने मामला किया शांत
आवेश खान ने चौथी गेंद पर हेनरिच क्लासेन को एक भी रन नहीं बनाने दिया। इसी बीच, यह देखा गया कि मैदानी अंपायर लखनऊ के डगआउट के करीब पहुंच गए हैं और वह सपोर्ट स्टाफ से बात कर रहे थे। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के स्पिन कोच मुथैया मुरलीधरन से बात की। इसके बाद सोशल मीडिया कई वीडियो और फोटो वायरल हुए। एक फोटो में अंपायर मुरलीधरन को नट बोल्ट दिखा रहे हैं।