गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज बी साई सुदर्शन ने आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के खिलाफ 47 गेंदों में 96 रन की शानदार पारी का श्रेय अपनी बल्लेबाजी में धैर्यपूर्ण रवैये को देते हुए कहा कि उन्हें खेल के मानसिक पहलू पर ध्यान देने का फायदा मिला। सुदर्शन ने आठ चौकों और छह छक्कों से 96 रन बनाए जिससे टाइटंस की टीम चार विकेट पर 214 रन बनाने में सफल रही और उसके लगातार दूसरा खिताब जीतने की उम्मीद बढ़ गई थी।
रविंद्र जडेजा ने हालांकि आखिरी दो गेंदों पर छक्का और चौका लगाया जिससे सुपरकिंग्स ने बारिश से प्रभावित फाइनल में 15 ओवर में 171 रन के संशोधित लक्ष्य को हासिल कर लिया। सुदर्शन ने मैच के बाद कहा, ‘मैंने पिछले मैच में बहुत अधिक दबाव महसूस किया। मुझे इस बात का अहसास हुआ कि अधिक धैर्य दिखाना कहीं बेहतर है और मुझमें बहुत बेहतर करने की क्षमता है। मैं इस मैच में कहीं अधिक धैर्य के साथ खेला।’ इक्कीस साल के सुदर्शन ने कहा कि मुंबई इंडियंस के खिलाफ क्वालिफायर दो में 43 रन के स्कोर पर रिटायर्ड आउट होना ‘व्यक्तिगत रूप से चिंताजनक’ था लेकिन उन्हें पता था कि यह टीम का फैसला था।