बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव को पिछले दो सालों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कम ही खेलने का मौका मिला है। टीम इंडिया से बाहर होने के बाद आईपीएल में भी कुलदीप को ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिला। इस बार दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें खरीदा और लगातार टीम में रखा। कुलदीप ने अपने प्रदर्शन से आलोचकों का मुंह बंद भी किया है। उन्होंने नौ मैचों में 17 विकेट लिए हैं। बचपन के कोच भी उनके प्रदर्शन से खुश हैं। उनके कुलदीप की वापसी का श्रेय भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा को दिया है।
कुलदीप के बचपन के कोच कपिल देव पांडेय का मानना है कि रोहित शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में कुलदीप को चुनकर उनके करियर को संवारा है। इसका फायदा उन्हें आईपीएल में मिल रहा है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ''जब कोई कप्तान उस पर विश्वास करता है तो वह बेहतर प्रदर्शन करता है। टेस्ट क्रिकेट में भी उसका रिकॉर्ड शानदार है। वनडे में उसने दो हैट्रिक लिए हैं। टी20 में उसका रिकॉर्ड बेहतर है।''
कुलदीप यादव
उन्होंने आगे कहा, ''बेहतर रिकॉर्ड के बावजूद उसे ज्यादा मौके नहीं मिले। यह आश्चर्यजनक है। कुलदीप के करियर को रोहित शर्मा ने बचाया है। उसकी वापसी के पीछे रोहित का हाथ है। वह एक शानदार कप्तान हैं और उन्हें पता है कि कैसे बड़े ग्रुप में से प्रतिभाशाली खिलाड़ी को बाहर निकालना है। आईपीएल से पहले रोहित ने कुलदीप को बुलाया और उसे मौका दिया। कुलदीप ने दो विकेट लेकर खुद को साबित भी किया।''
कपिल देव पांडेय ने आगे बताया, "कुलदीप पर रोहित ने लगातार नजर रखी। उसके यो-यो टेस्ट और रिहैबिलिटेशन के रिपोर्ट लगातार मंगवाए। रोहित उनसे काफी प्रभावित थे। कुलदीप के रिहैबिलिटेशन रिपोर्ट से रोहित खुश थे। कुलदीप की वापसी के लिए उन्हें श्रेय देना चाहिए। वह आज रोहित, ऋषभ पंत और रिकी पोंटिंग के समर्थन के बगैर यहां नहीं होता।"
कुलदीप यादव
कुलदीप यादव ने विराट कोहली की कप्तानी में युजवेंद्र चहल के साथ सीमित ओवरों में एक शानदार जोड़ी बनाई। दोनों ने कई मैचों में टीम को जीत दिलाई। बाद में कुलदीप टीम इंडिया से बाहर हो गए। इस पर कपिल देव पांडेय ने खुलासा किया, ''विराट की पसंद अक्षर पटेल बन गए थे। विराट ने अनुभव को वरीयता दी। उन्होंने अश्विन और जडेजा को टीम में लिया। कुलदीप की जगह अक्षर पटेल को प्राथमिकता दी। अक्षर अच्छी बल्लेबाजी कर लेते हैं। किसी भी कप्तान को अपने खिलाड़ियों पर भरोसा रखना चाहिए।''
उन्होंने आगे कहा, "पिछले तीन साल से कुलदीप को मौके नहीं मिले। टेस्ट, वनडे, टी20 और आईपीएल, किसी भी स्तर पर उसे खेलने का अवसर नहीं मिला। कोलकाता ने भी उन पर भरोसा नहीं दिखाया। उस समय कुलदीप काफी निराश था। उसे लगातार मेरे संपर्क में था। मैंने उसे ट्रेनिंग नहीं छोड़ने की सलाह दी। जब दिल्ली कैपिटल्स ने उसे नीलामी में अपनी टीम में शामिल किया तो मैंने कहा कि वह अपनी कीमत नहीं देखे। दिल्ली एक शानदार टीम है। वहां अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका मिलता है। इस पर कुलदीप ने मुझसे कहा था कि मैं आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर टीम इंडिया में वापसी करना चाहता हूं।''