सनराइजर्स हैदराबाद बनाम पंजाब किंग्स
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पंजाब के लिए भी हालात ज्यादा जुदा नहीं थे। गेंदबाजी में नाथन एलिस और हरप्रीत बरार ने जरूर प्रभावित किया, पर बल्लेबाजी का आलम वही रहा जैसा पूरे सीजन में देखा गया है। पंजाब ने 158 रन के लक्ष्य का पीछा 15.1 ओवर में कर लिया, लेकिन तब तक आधी टीम पवेलियन लौट गई थी। पावरप्ले में एक विकेट के नुकसान पर 62 रन बनाने वाली पंजाब की टीम इसके बाद विकेट गंवाती रही और मैच खत्म होने तक आधी टीम पवेलियन लौट गई थी। पूरे सीजन पंजाब ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की है, लेकिन इसी वजह से विकेट भी गंवाए हैं और अंत के ओवरों में पंजाब के पास कोई बल्लेबाज नहीं बचता।
मैच के टर्निंग प्वाइंट
1. प्रियम गर्ग के आउट होने के बाद अभिषेक शर्मा और राहुल त्रिपाठी के बीच अच्छी साझेदारी हुई थी। दोनों हैदराबाद को अच्छे स्कोर की तरफ ले जा रहे थे, लेकिन राहुल त्रिपाठी जल्दीबाजी कर बैठे और बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में आउट हो गए। इसके बाद हैदराबाद की टीम मैच में वापसी नहीं कर पाई।
2. हैदराबाद के लिए चार बल्लेबाजों ने 20 से 30 के बीच का स्कोर बनाया। इन सभी बल्लेबाजों को शुरुआत तो मिली, लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल सका। इसी वजह से हैदराबाद बड़ा स्कोर नहीं बना पाई।
3. 158 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी शुरुआत के बाद पंजाब ने 71 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। हैदराबाद के पास यहां से वापसी करने का मौका था, लेकिन लियम लिविंगस्टोन ने 22 गेंद में 49 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
दोनों कप्तानों का कैसा रहा प्रदर्शन?
हैदराबाद और पंजाब दोनों टीमों के कप्तानों के लिए यह मैच बेहद खराब रहा। भुवनेश्वर कुमार एक गेंद में एक रन बनाकर पवेलिन लौट गए। वहीं, गेंदबाजी में उन्होंने दो ओवरों में 22 रन लुटा दिए। मयंक ने चार गेंद में सिर्फ एक रन बनाया और वॉशिंगटन सुंदर का शिकार बने। वो इस मैच में भी चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए, जबकि वो अपने करियर में अधिकतर समय सलामी बल्लेबाज के रूप में खेले हैं। इस मैच में उन्होंने अपने गेंदबाजों को सही तरीके से चलाया और हैदराबाद को छोटे स्कोर पर रोका, लेकिन बल्लेबाजी को लेकर उनकी रणनीति नहीं बदली। अगले सीजन में उन्हें इसमें बदलाव करना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो पंजाब की किस्मत भी बदलने वाली नहीं है।
हैदराबाद के लिए मैच में क्या हुआ?
सकारात्मक पक्षः सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अच्छी शुरुआत की। अंत में वॉशिंगटन सुंदर और रोमारियो शेफर्ड ने दिखाया कि वो बेहतर तरीके से मैच खत्म कर सकते हैं। गेंदबाजी में फजलहक फारुखी, जगदीश सुचित और वॉशिंगटन सुंदर ने अच्छा प्रदर्शन किया।
नकारात्मक पक्षः कप्तान भुवनेश्वर, उमरान मलिक और रोमारियो शेफर्ड बहुत महंगे साबित हुए। तीन गेंदबाजों ने 11 से ज्यादा की इकोनॉमी से रन लुटाए। शेफर्ड ने तो एक ओवर में 23 रन खर्चे। बल्लेबाजी में भी कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। सभी क्रीज में आए और सेट होने के बाद अपना विकेट फेंककर चले गए। पूरन का खराब फॉर्म टीम के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय है।