लखनऊ सुपर जाएंट्स की टीम पहली बार इस सीजन में लगातार दो मैचों में हारी है। इससे पहले वह इकलौती टीम बची हुई थी जो लगातार दो मैचों में नहीं हारी थी। इस हार के दोषी बल्लेबाज और फील्डर हैं। शीर्ष क्रम फ्लॉप साबित हुआ। मध्यक्रम ने जिम्मेदारी नहीं उठाई।
लखनऊ सुपर जाएंट्स को लगातार दूसरे मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। रविवार (15 मई) को मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उसे हार मिली है। टीम रनचेज करने में एक बार फिर फिसल गई। इस सीजन में लखनऊ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात में से छह मैच जीते हैं। वहीं, रनचेज में उसका रिकॉर्ड निराशाजनक रहा है। टीम ने छह में से चार मैच गंवाए हैं। दो मुकाबलों में ही उसे रनचेज करते हुए जीत मिली है।
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लखनऊ सुपर जाएंट्स की टीम पहली बार इस सीजन में लगातार दो मैचों में हारी है। इससे पहले वह इकलौती टीम बची हुई थी जो लगातार दो मैचों में नहीं हारी थी। इस हार के दोषी बल्लेबाज और फील्डर हैं। शीर्ष क्रम फ्लॉप साबित हुआ। मध्यक्रम ने जिम्मेदारी नहीं उठाई। वहीं, निचले क्रम के बल्लेबाजों ने तेजी से रन नहीं बनाए। राजस्थान को यह जीत उसके गेंदबाजों ने दिलाई। बल्लेबाजों ने ज्यादा बड़ा स्कोर खड़ा नहीं किया था, लेकिन ट्रेंट बोल्ट के नेतृत्व में गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया।
मैच में टर्निंग पॉइंट्स
यशस्वी जायसवाल को मिला जीवनदान: राजस्थान के ओपनर यशस्वी जायसवाल को पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर जीवनदान मिला। उन्होंने आवेश खान की शॉर्ट गेंद को शॉर्ट फाइन लेग के क्षेत्र में पुल कर दिया। वहां पर मोहसिन खान खड़े थे, लेकिन वो आसान कैच नहीं ले सके। यशस्वी उस समय 13 रन बनाकर खेल रहे थे। उन्होंने उसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और 29 गेंद पर 41 रन ठोक दिए। इस दौरान छह चौके और एक छक्का लगाया। यशस्वी की बल्लेबाजी ने राजस्थान के लिए मजबूत नींव तैयार की। इसका फायदा टीम को मिला।
बोल्ट-अश्विन की बल्लेबाजी: 152 रन पर राजस्थान के आठ विकेट गिर गए थे। अश्विन और बोल्ट क्रीज पर थे। लग रहा था कि दो ओवरों में टीम ज्यादा रन नहीं बना सकी और राजस्थान मुश्किल से 165 तक पहुंच पाएगी। यहां से अश्विन और बोल्ट ने कमान संभाली। दोनों ने टीम के लिए अंत में उपयोगी रन बनाए। बोल्ट ने नौ गेंद पर 17 और अश्विन ने सात गेंद पर 10 रन बनाए। यही रन अंत में लखनऊ की टीम पर भारी पड़ गए।
बोल्ट ने एक ओवर में झटके दो विकेट: लखनऊ के दो बल्लेबाजों को बोल्ट ने एक ही ओवर में पवेलियन भेज दिया। दो ओवर में 15 रन बन जाने के बाद तीसरा ओवर लेकर बोल्ट आए। उन्होंने पहली गेंद पर क्विंटन डिकॉक को जेम्स नीशम के हाथों कैच कराया। इसके बाद अगली ही गेंद पर आयुष बदोनी को एलबीडब्ल्यू कर दिया। बदोनी खाता भी नहीं खोल पाए। बोल्ट की इन-स्विंगर पर बड़े से बड़े बल्लेबाज पवेलियन लौट जाते हैं। युवा बदोनी के लिए भी यह गेंद खतरनाक साबित हुई।
संजू सैमसन और केएल राहुल
- फोटो : IPL/BCCI
दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
इस मैच में संजू सैमसन ने बाजी मारी। उन्होंने 24 गेंद पर तेजी से 32 रन बनाए। इस दौरान छह चौके उनके बल्ले से निकले। सैमसन ने जायसवाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। उन्होंने फील्डिंग के दौरान कप्तानी में कमाल किया। अपने पांच गेंदबाजों का ही सही से इस्तेमाल किया और लखनऊ की टीम को जीतने से रोका। दूसरी ओर, राहुल ने आठ गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद राजस्थान को 178 रन तक पहुंचने से नहीं रोक सके। वहीं, राहुल बल्लेबाजी में भी फेल रहे। 19 गेंद पर 10 रन ही बना सके।
गेंदबाजी के दौरान ट्रेंट बोल्ट
- फोटो : IPL/BCCI
राजस्थान के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्ष: बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन और देवदत्त पडिक्कल ने अच्छी पारियां खेलीं। रियान पराग, जेम्स नीशम, अश्विन और बोल्ट ने उपयोगी रन बनाए। गेंदबाजी में युजवेंद्र चहल को छोड़कर सबने अच्छा प्रदर्शन किया। बोल्ट ने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा ने चार ओवर में 32 रन ही दिए। उन्हें भी दो सफलता मिली। अश्विन ने चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया। वहीं, ओबेड मैकॉय ने चार ओवर में 35 रन पर दो विकेट झटके।
नकारात्मक पक्ष: इस सीजन में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने वाले जोस बटलर फेल रहे। दो रन के निजी स्कोर पर उन्हें आवेश खान ने बोल्ड कर दिया। रियान पराग और जेम्स नीशम ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन नहीं बनाए। क्रीज पर टिकने के बाद उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया। गेंदबाजी में युजवेंद्र चहल काफी महंगे साबित हुए उन्होंने चार ओवर में 42 रन दे दिए।
लखनऊ सुपर जाएंट्स बनाम राजस्थान रॉयल्स
- फोटो : IPL/BCCI
लखनऊ के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में आवेश खान ने तीन ओवर में सिर्फ 20 रन दिए। वहीं, जेसन होल्डर ने दो ओवर में 12 रन ही दिए। दोनों को एक-एक सफलता हासिल हुई। रवि बिश्नोई ने चार ओवर में 31 रन देकर दो विकटे लिए। पार्टटाइम गेंदबाज आयुष बदोनी ने एक ओवर में पांच रन दिए और यशस्वी जायसवाल का बड़ा विकेट लिया। बल्लेबाजी में दीपक हुड्डा ने एक बार फिर से प्रभावित किया। उन्होंने 39 गेंद पर 59 रन बनाए। अपनी पारी में हुड्डा ने पांच चौके और दो छक्के लगाए।
नकारात्मक पक्ष: केएल राहुल ने गेंदबाजों का सही से इस्तेमाल नहीं किया। उन्हें आठ गेंदबाजों से गेंदबाजी करानी पड़ी। इस सीजन में शानदार गेंदबाजी करने वाले मोहसिन खान, दुष्मंथा चमीरा और मार्कस स्टोइनिस महंगे साबित हुए। मोहसिन ने चार ओवर 43, चमीरा ने तीन ओवर में 35 और स्टोइनिस ने एक ओवर में 15 रन लुटाए। बल्लेबाजी में क्विंटन डिकॉक, राहुल, बदोनी, जेसन होल्डर नहीं चले। क्रुणाल पांड्या ने 23 गेंद पर 25 रन बनाए, लेकिन अहम मौके पर आउट हो गए। स्टोइनिस ने 17 गेंद पर 27 रन जरूर बनाए, लेकिन काफी देर तक वो धीमी बल्लेबाजी करते रहे।