चेन्नई की टीम लगातार चौथे मैच में हारी है। हैदराबाद के खिलाफ न उसके बल्लेबाज चले और न ही गेंदबाज। मौजूदा प्रदर्शन को देखकर लग रहा है कि चेन्नई की टीम 2020 के बाद एक बार फिर से प्लेऑफ में अपना जगह बनाने में नाकाम रह सकती है।
आईपीएल के 15वें सीजन में चेन्नई सुपरकिंग्स को अपनी पहली जीत का इंतजार बढ़ता जा रहा है। उसे सनराइजर्स हैदराबाद ने शनिवार (नौ अप्रैल) को आठ विकेट से हरा दिया। चेन्नई की टीम लगातार चौथे मैच में हारी है। हैदराबाद के खिलाफ न उसके बल्लेबाज चले और न ही गेंदबाज। मौजूदा प्रदर्शन को देखकर लग रहा है कि चेन्नई की टीम 2020 के बाद एक बार फिर से प्लेऑफ में अपना जगह बनाने में नाकाम रह सकती है।
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मैच के टर्निंग पॉइंट 1. नहीं चले ओपनर्स: चेन्नई सुपरकिंग्स के ओपनर बल्लेबाज इस मैच में फेल रहे। रॉबिन उथप्पा शुरुआती दो मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद लगातार दूसरे मैच में बड़ा स्कोर नहीं बना सके। इस मुकाबले में 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। ऋतुराज गायकवाड़ 13 गेंद र 16 रन बनाकर आउट हुए। इस सीजन में गायकवाड़ ने 0, 1, 1 और 16 का स्कोर बनाया है। ओपनर्स के आउट होने के बाद चेन्नई की टीम संभल नहीं पाई। नियमित अंतराल पर उसके विकेट और टीम सिर्फ 154 रन ही बना सकी।
2. रायुडू, जडेजा और धोनी का फ्लॉप होना: अंबाती रायुडू ने 27 गेंद पर 27 रन जरूर बनाए, लेकिन अहम मौके पर आउट हो गए। जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरुरत थी तब रायुडू खराब शॉट खेलकर आउट हो गए। रवींद्र जडेजा इस सीजन में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। सनराइजर्स के खिलाफ भी 23 रन बनाकर आउट हो गए। पहले दो मैच में तेजी से रन बनाने वाले धोनी का बल्ला नहीं चला। वे छह गेंद पर तीन रन ही बना सके। तीन महत्वपूर्ण बल्लेबाजों के फेल होने के कारण चेन्नई की टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाई।
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3. अभिषेक शर्मा को मिला जीवनदान: चेन्नई ने तीसरे ओवर की पहली गेंद पर अभिषेक शर्मा को जीवनदान दिया। मुकेश चौधरी की गेंद पर शिवम दुबे उनका कैच नहीं लपक सके। इसके बाद 14वें ओवर की अंतिम गेंद पर अभिषेक का कैच रवींद्र जडेजा नहीं ले सके। अभिषेक ने दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए 50 गेंद पर 75 रन ठोक दिए।
4. चेन्नई के गेंदबाज फिर से फेल: सीएसके के तीन गेंदबाजों ने 10 से ज्यादा की इकॉनमी से रन लुटाए। यॉर्कर स्पेशलिस्ट ड्वेन ब्रावो ने 10.90 और क्रिस जॉर्डन 11.30 की इकोनॉमी से रन लुटाए। मिस्ट्री स्पिनर महेश तीक्षणा भी विकेट नहीं निकाल सके।
ऋतुराज गायकवाड़
- फोटो : IPL/BCCI
दोनों कप्तानों का कैसा रहा प्रदर्शन
सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन की बात करें तो उन्होंने गेंदबाजों का इस्तेमाल इस मैच में सही से किया। वे पहली सीजन में बेहतरीन कप्तानी करते नजर आए। इसके अलावा बल्लेबाजी में 32 रन बनाए। उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ 12.1 ओवर में पहले विकेट के लिए 89 रनों की साझेदारी की। दूसरी ओर जडेजा न तो बल्लेबाजी में बेहतर कर सके और न ही गेंदबाजी। फील्ड सेट करने की बात करें तो पहले तीन मुकाबलों की तुलना में आज जडेजा ज्यादा प्रभावी नजर आए।
महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जडेजा
- फोटो : IPL/BCCI
चेन्नई के लिए मैच में क्या-क्या हुआ? सकारात्मक पक्ष: मोईन अली ने अपने फॉर्म को बरकार रखा है। उन्होंने 35 गेंद पर 48 रन बनाए। गेंदबाजी में मुकेश चौधरी ने चार ओवर में 30 रन देकर एक विकेट लिए। वे पिछले कुछ मैचों में ज्यादा महंगे साबित हुए थे। इस बार उनकी गेंदबाजी में सुधार नजर आई।
नकारात्मक पक्ष: चेन्नई के मैच में सकारात्मक से ज्यादा नकारात्मक पक्ष रहे। बल्लेबाजी में उथप्पा, ऋतुराज, अंबाती रायुडू, शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, धोनी और ड्वेन ब्रावो का बल्ला नहीं चला। गेंदबाजी में मुकेश चौधरी और जडेजा को छोड़कर सभी महंगे साबित हुए। जडेजा ने रन तो कम दिए, लेकिन विकेट नहीं निकाल सके।
सनराइजर्स हैदराबाद के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में वॉशिंगटन सुंदर और नटराजन ने विकेट निकाले। दोनों ने रन भी कम दिए। भुवनेश्वर कुमार और मार्को यानसेन को भी एक-एक सफलता मिली। एडेन मार्कराम ने एक ओवर में एक विकेट अपने नाम किया। अभिषेक शर्मा, केन विलियमसन और राहुल त्रिपाठी ने शानदार बल्लेबाजी की। विलियमसन ने धीमी पारी खेली, लेकिन टीम के लिए वह जरूरी थी। उन्होंने विकेट को बचाने पर ध्यान दिया।
नकारात्मक पक्ष: उमरान मलिक एक बार फिर से गेंदबाजी में महंगे साबित हुए। उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली। फिल्डिंग में टीम ने कई मौके गंवाए। सनराइजर्स को आगे के मैचों में अपनी फिल्डिंग को मजबूत करनी होगी।