चेन्नई ने दिल्ली को 91 रनों से हरा दिया। आईपीएल में रनों के हिसाब से उसकी चौथी बड़ी जीत है। उसने दूसरी बार दिल्ली को 90 से ज्यादा रनों से हराया है। इससे पहले 2014 में अबू धाबी में उसने दिल्ली के खिलाफ 93 रनों से जीत हासिल की थी।
एक तरफ राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी में 'लू' चल रही है तो दूसरी ओर आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने नया 'लो' हासिल किया है। चार बार की चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स के सामने दिल्ली कैपिटल्स के शेर चारो खाने चित हो गए। ऋषभ पंत की टीम पर महेंद्र सिंह धोनी की टीम ने इतनी बड़ी जीत हासिल की है कि उसका नेट रनरेट निगेटिव से सीधे पॉजिटिव हो गया। टीम ने 11 मैचों में चौथी जीत के साथ प्लेऑफ की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है।
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चेन्नई ने दिल्ली को 91 रनों से हरा दिया। आईपीएल में रनों के हिसाब से उसकी चौथी बड़ी जीत है। उसने दूसरी बार दिल्ली को 90 से ज्यादा रनों से हराया है। इससे पहले 2014 में अबू धाबी में उसने दिल्ली के खिलाफ 93 रनों से जीत हासिल की थी। बीच सीजन में फिर से चेन्नई की कप्तानी संभालने वाले धोनी ने टीम की किस्मत को बदला है। सीजन में पहली बार चार बार की चैंपियन टीम अपने पुराने रंग में दिखी।
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चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स
- फोटो : अमर उजाला
मैच में टर्निंग पॉइंट
मैच को मोईन अली ने पूरी तरह पलट दिया। दिल्ली ने पावरप्ले में 59 रन बनाए। इस दौरान उसके दो विकेट भी गिर गए। मिचेल मार्श और ऋषभ पंत ने दो विकेट गिरने के बाद काउंटर अटैक किया। ऐसा लग रहा था कि दोनों दिल्ली को जीत के करीब ले जाएंगे, तभी धोनी ने गेंदबाजी के लिए मोईन अली को बुला लिया। मोईन ने अपने पहले ही ओवर में मिचेल मार्श को पवेलियन भेज दिया। मार्श 20 गेंद पर 25 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद मोईन ने अपने दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर ऋषभ पंत को बोल्ड कर दिया। यहां से मैच पूरी तरह पलट गया। दिल्ली की टीम हार की ओर बढ़ गई।
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : IPL/BCCI
दोनों कप्तानों का कैसा रहा प्रदर्शन?
इस मैच में अपने चेले ऋषभ पंत पर महेंद्र सिंह धोनी भारी पड़े। उन्होंने सही समय पर आठ गेंदों पर नाबाद 21 रन बनाए। उन्होंने एक चौका और दो छक्के लगाए। धोनी का स्ट्राइक रेट 262.50 का रहा। दूसरी ओर, पंत ने 11 गेंदों पर 21 रन बनाए। उन्होंने चार चौके लगाए। पंत का स्ट्राइक रेट 190.91 का रहा। फील्डिंग के दौरान कप्तानी में भी पंत पर धोनी भारी पड़े। उन्होंने सही तरीके से गेंदबाजों को रोटेट किया और टीम को जीत दिलाई।
ऋतुराज गायकवाड़ और डेवोन कॉनवे
- फोटो : IPL/BCCI
चेन्नई के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: बल्लेबाजी में ऋतुराज गायकवाड़ और डेवोन कॉनवे ने टीम को शानदार शुरुआत दी। गायकवाड़ ने 33 गेंद पर 41 रन बनाए। कॉनवे ने 49 गेंद पर 87 रन बनाए। इन दोनों के बाद शिवम दुबे और धोनी ने तेजी से रन बनाए। मुकेश चौधरी, सिमरजीत सिंह, महेश तीक्षणा और मोईन अली ने गेंदबाजी में कमाल दिखाया। चारों ने रन कम दिए और विकेट भी लिए। मुकेश और सिमरजीत ने दो-दो विकेट लिए। मोईन को तीन सफलता मिली। महेश ने डेविड वॉर्नर का बड़ा विकेट लिया।
नकारात्मक पक्ष: मोईन अली और अंबाती रायुडू का बल्ला नहीं चला। उन्होंने आखिरी ओवरों में अपने विकेट गंवाए। दुबे ने 19 गेंद पर 32 रन जरूर बनाए, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार और तेजी से रन बनाने चाहिए थे। गेंदबाजी में ड्वेन ब्रावो ने दो विकेट लिए, लेकिन 2.4 ओवर में 24 रन दे दिए। उनका इकोनॉमी रेट नौ का रहा।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: गेंदबाजी में खलील अहमद ने कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने चार ओवर में 28 रन देकर दो विकेट लिए। अक्षर पटेल ने तीन ओवर में सिर्फ 23 रन दिए। बल्लेबाजी में किसी ने भी बेहतर प्रदर्शन नहीं किया।
नकारात्मक पक्ष: डेविड वॉर्नर, मिचेल मार्श और ऋषभ पंत ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके। केएस भरत, रोवमन पॉवे और रिपल पटेल फेल रहे। कुल मिलाकर दिल्ली का कोई भी बल्लेबाज नहीं चला। गेंदबाजी में शार्दुल ठाकुर, एनरिच नोर्त्जे, कुलदीप यादव और मिचेल मार्श फेल रहे। चारों ने 10 से ज्यादा की इकोनॉमी रेट से रन दिए।