बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) के प्रमुख शब्बीर हुसैन शेखदम खंडवावाला ने आशंका जताई कि हाल ही में निलंबित आईपीएल के दौरान यहां फिरोजशाह कोटला मैदान में खेले गए मैचों में कथित सटोरियो को एक सफाई कर्मचारी ‘पिच-सिडिंग’ के जरिए मदद कर रहा था। गुजरात पुलिस के इस पूर्व महानिदेशक ने कहा कि एसीयू के एक अधिकारी ने इस मामले में एक व्यक्ति को पकड़ा और उसका विवरण दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है।
वह संदिग्ध अपराधी हालांकि अपने दोनों मोबाइल फोन छोड़कर भागने में कामयाब रहा। एसीयू ने दिल्ली पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करा दी है। दिल्ली पुलिस ने दो मई को राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए मैच के दौरान नकली पहचान पत्र के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
कहा गर्लफ्रेंड से कर रहा हूं बात : यह पूछने पर कि सफाईकर्मी पर एसीयू को कैसे संदेह हुआ तो उन्होंने कहा कि वह (फिरोजशाह कोटला परिसर के अंदर) एकांत क्षेत्र में अकेले खड़ा था। ऐसे में हमारे एक अधिकारी ने उससे संपर्क किया और पूछा कि तुम यहां क्या कर रहे हो? उसने कहा कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड से बात कर रहा हूं।
अधिकारी ने उसे नंबर डायल कर फोन देने के लिए कहा। अधिकारी उसके फोन को देख रहे थे तब वह वहां से भाग गया। दिलचस्प बात यह है कि उसके पास आईपीएल एक्रीडिटेशन कार्ड (स्टेडियम के अंदर जाने के लिए जरूरी पहचान कार्ड) था जो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को दिया गया था। इसमें टूर्नामेंट से जुड़े बस चालक सफाई कर्मचारी और पोर्टर जैसे कर्मी शामिल है।
यह है पिच सिडिंग
पिच-सिडिंग की मदद से गेंद-दर-गेंद सट्टेबाजी की जाती है। इसमें मैच और टेलीविजन पर उसके प्रसारण के बीच लगने वाले समय का सट्टेबाज फायदा उठाते हैं। मैदान में मौजूद व्यक्ति सट्टेबाजों को टीवी पर प्रसारण से कुुछ पल पहले ही अगली गेंद के नतीजे की जानकारी दे देता है।