फंतासी गेमिंग से जुड़ी कंपनी ड्रीम11 इस साल 19 सितंबर से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का टाइटिल प्रायोजक होगी लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने उसकी सशर्त तीन साल की बोली नामंजूर कर दी है क्योंकि उसने वर्ष 2021 और 2022 के लिए कम बोली लगाई थी।
सूत्रों ने कहा है कि बीसीसीआई और ड्रीम इलेवन तीन साल के सशर्त करार पर बातचीत की और बोर्ड ने कंपनी से अगले दो सत्र के लिए राशि में बढ़ोतरी करने के लिए कहा। बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'ड्रीम11 की बोली सबसे अधिक है लेकिन बीसीसीआई उसे 240 करोड़ रुपये में क्यों अधिकार सौंपे जबकि हम अगले दो वर्षों में कोविड-19 की स्थिति में सुधार की उम्मीद कर सकते हैं।'
उन्होंने कहा, 'वीवो के साथ हमारा करार अब भी कायम है। हमने इसे खत्म नहीं किया है, यह बस रुका है। अगर हमें 440 करोड़ रुपये मिल रहे हैं तो हम 240 करोड़ रुपये क्यों लें।' ड्रीम11 का खेलों के साथ जुड़ाव पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है तथा अभी वह कुल 19 लीग से जुड़ा है जबकि इंडियन प्रीमियर लीग की छह फ्रेंचाइजी के साथ भी उसका करार है।
आईपीएल चेयरमैन पटेल ने बीसीसीआई की विज्ञप्ति में कहा, 'हम ड्रीम11 का आईपीएल 2020 के टाइटिल प्रायोजक के रूप में स्वागत करते हैं। ड्रीम11 का आधिकारिक भागीदार से टाइटिल प्रायोजक बनना ब्रांड आईपीएल के लिए शानदार है। एक डिजिटल ब्रांड के तौर पर इससे उन्हें घर में बैठकर मैच देख रहे प्रशंसकों से ऑनलाइन जुड़ने का शानदार मौका मिलेगा।'
ड्रीम स्पोर्ट्स के सीईओ और सह संस्थापक हर्ष जैन ने कहा, 'भारतीयों द्वारा विशेष रूप से भरतीय खेल प्रेमियों के लिए भारत में बनाए गए भारतीय ब्रांड के तौर पर हम आईपीएल टाइटिल प्रायोजक बनने का मौका देने के लिए बीसीसीआई का आभार व्यक्त करते हैं।'
अगर वीवो वापसी नहीं करता तो पूरी संभावना है कि बीसीसीआई 2021 और 2022 के लिए नए सिरे से बोली लगवाएगा क्योंकि दुनिया का सबसे धनी बोर्ड 400 करोड़ रुपये से कम पर तैयार नहीं होगा।