बीसीसीआई
वहीं, हैदराबाद की टीम को 10.5 करोड़ रुपये मिले। गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते बीसीसीआई ने मार्च में ही खर्च में कटौती की कवायद शुरू की थी और यह फैसला उसी का हिस्सा है। बीसीसीआई के मुताबिक, सभी फ्रेंचाइजी की आर्थिक स्थिति अच्छी है। उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रायोजन जैसे कई तरीके भी हैं इसलिए पुरस्कार राशि घटाने का फैसला लिया गया था।