पांच बार प्लेऑफ में पहुंच चुकी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम 2016 में खिताब भी जीत चुकी है। पेसर भुवनेश्वर और मार्श के अलावा स्पिनर राशिद खान के चलते गेंदबाजी तो मजबूत है ही डेविड वॉर्नर और जॉनी बेयरस्टो की सलामी जोड़ी के साथ केन विलियम्सन और मनीष पांडेय हैं पर मध्यक्रम में प्रियम गर्ग और विराट सिंह जैसे युवाओं पर भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। 2013 में बनी ऑरैंज आर्मी के प्रदर्शन में निरंतरता रही है।
टीम : डेविड वॉर्नर (कप्तान), जॉनी बेयरस्टो, प्रियम गर्ग, केन विलियम्सन, मनीष पांडेय, विजय शंकर, अभिषेक शर्मा, राशिद खान, ऋ द्धिमान साहा, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद, बिली स्टेनलेक, मोहम्मद नबी, संदीप शर्मा, शाहबाज नदीम, बासिल थंपी, मिशेल मार्श, विराट सिंह, फेबियन एलेन, श्रीवत्स गोस्वामी, सिद्धार्थ कौल, टी. नटराजन, अब्दुल समद, संदीप बावनका, संजय यादव।
अब तक का प्रदर्शन : 2013 : चौथा, 2014 : छठा, 2015: छठा, 2016 : चैंपियन, 2017 : चौथा, 2018 : उपविजेता, 2019 : चौथा
ताकत : वॉर्नर की कप्तान के रूप में वापसी हुई है। पिछले साल वह केन विलियम्सन और भुवी की कप्तानी में खेले थे। वॉर्नर-बेयरस्टो की मजबूत ओपनिंग जोड़ी है जिसने पिछले साल चार बार शतकीय साझेदारियां की। गेंदबाजी में अच्छे विकल्प हैं। ऑलराउंडर के रूप में विजय शंकर, मोहम्मद नबी, और फेबियन एलेन हैं। कोचिंग स्टाफ में ट्रेवर बेलिस, वीवीएस लक्ष्मण और मुथैया मुरलीधरन जैसी अनुभवी हस्तियां शामिल हैं।
कमजोरी : मध्यक्रम की बल्लेबाजी में केन विलियम्सन और मनीष पांडेय नहीं चले तो युवा बल्लेबाजों पर दबाव आ सकता है। यही टीम की चिंता का सबब होगा। छठे क्रम पर विजय शंकर का बल्ले से योगदान भी अहम होगा। चार विदेशियों में से वॉर्नर और राशिद अहम कड़ी हैं। बेयरस्टो को टीम नहीं हटाना चाहेगी ऐसे में एक ही विदेशी खिलाड़ी का स्थान बचता है जिसमें मार्श और फेबियन दावेदारी में होंगे।