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रैना ने दिए गुरु मंत्र और बुमराह ने बढ़ाया हौसला, अब मावी आईपीएल में चटका रहे विकेट

Fri, 02 Oct 2020 07:35 AM IST
Rajeev Rai अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • रैना का साथ और घर पर बहाया पसीना मावी के आया काम
  • चोटिल होने के बाद लॉकडाउन में घर पर कई-कई घंटे फिटनेस पर मेहनत लाई रंग
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शिवम मावी - फोटो : Social media
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विस्तार
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कोरोना के चलते आईपीएल का आगे बढना चोटिल शिवम मावी के लिए वरदान से कम नहीं रहा। जब लॉकडाउन में पूरा देश घर में कैद था तो शिवम उस दौरान चोट से उबरने के बाद नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) के विशेषज्ञों की सलाह पर घर में ही फिटनेस पर काम कर रहे थे। शिवम के पिता पंकज मावी अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि लॉकडाउन में बेटे ने दिन में कई-कई घंटे फिटनेस पर काम किया। लॉकडाउन खुला तो दिग्गज सुरेश रैना का साथ मिल गया। रैना और कोच फूलचंद शर्मा ने शिवम को आईपीएल के लिए पूरी तरह तैयार किया।

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पंकज के अनुसार लॉकडाउन में मिला समय शिवम के वाकई काम आया। उसने घर पर छोटा-मोटा जिम बना लिया। वह दो से तीन घंटे रोजाना अपने शरीर पर मेहनत करता था। उसने इस दौरान अपना दो से तीन किलो वजन भी कम किया। पंकज के अनुसार शिवम के एसीएल इंजुरी होने के बाद न ही उनके और न ही उनके बेटे के मन में यह आया कि उसके लिए वापसी करना मुश्किल होगा। उन्हें यह मालूम था कि उनका बेटा तेज गेंदबाज है और तेज गेंदबाजों को इस तरह की चोटों का सामना करना पड़ता ही है। हां, लॉकडाउन के दौरान उसे और अधिक स्वस्थ्य होने का मौका मिल गया।

बुमराह को अपना रोल मॉडल मानते हैं
पंकज के मुताबिक शिवम अपना रोल मॉडल तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को मानते हैं। वह उनसे बात भी करते रहते हैं। बुमराह ने शिवम का हौसला बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि पंकज खुलासा करते हैं कि लॉकडाउन खुलने के बाद शिवम राजनगर में सुरेश रैना की अकादमी में खेलने जाने लगे। अंडर-19 के दिनों से ही रैना ने शिवम का विशेष ध्यान रखा है। इस दौरान भी उन्होंने एक गुरु की तरह शिवम को कई टिप्स दिए जिसे शिष्य की तरह उसने बांधकर रखा। 
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शिवम से बेहद प्रभावित हैं गांगुली
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली शिवम मावी से काफी प्रभावित हैं। पंकज खुलासा करते हैं कि सौरव ने उनके  बेटे का हौसला बढ़ाने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी। अंडर-19 विश्व कप जीतने के बाद गांगुली ने तो एक बार शिवम को बंगाल के लिए रणजी ट्राफी में खेलने का न्योता दे दिया था। हालांकि उन्हें यूपी से कोई समस्या नहीं थी इस लिए वह बंगाल नहीं गए।

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