पावरप्ले में बने 17 रन गिरे चार विकेट :
कोलकाता ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। बेंगलोर के तेज गेंदबाजों ने नई पिच से मिल रही तेजी और स्विंग से मोर्गन का यह फैसला गलत साबित कर दिया। आलम यह था कि पावरप्ले में तीन ओवर मेडन गए। सिर्फ 17 रन बने और चार बल्लेबाज पवेलियन लौटे। यह कोलकाता का पावरप्ले में न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले उसने 2009 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ केपटाउन में तीन विकेट पर 21 रन बनाए थे।
एक ओवर में दो बार डीआरएस :
चहल का पहला ओवर घटना प्रधान रहा। दिनेश कार्तिक (4 रन) के खिलाफ पगबाधा की अपील अंपायर ने ठुकरा दी लेकिन आखिरी क्षणों में लिए गए डीआरएस में फैसला बेंगलोर के पक्ष में गया। नए बल्लेबाज कमिंस (4) के खिलाफ अपील पर अंपायर की अंगुली उठ गई, लेकिन डीआरएस में उन्हें फैसला बदलना पड़ा। चहल ने हालांकि जल्द ही उन्हें पवेलियन भेज दिया। मोर्गन भी डेथ ओवरों से पहले मिडविकेट पर गुरकीरत सिंह को कैच देकर चलते बने। फर्ग्यूसन और कुलदीप यादव (12) के बीच आठवें विकेट के लिए 27 रन की पारी की सबसे बड़ी साझेदारी से कोलकाता अपने पिछले न्यूनतम स्कोर को पार करने में सफल रहा।