चेन्नई और पंजाब के बीच शनिवार को इंडियन टी-20 लीग के मैच में मुकाबला महेंद्र सिंह धोनी और रविचंद्रन अश्विन की कप्तानी की शैलियों का होगा। विपरीत हालातों में भी ‘कैप्टन कूल ’ धोनी शांत रहते हैं जबकि अश्विन काफी आक्रामक हैं और परंपरा से परे फैसले लेने में नहीं हिचकिचाते।
दोनों टीमों तीन मैच जीत चुकी हैं और इरादे एक दूसरे पर दबदबा बनाने के होंगे। चेन्नई को पिछले मैच में मुंबई ने हराया जो चार मैचों में उसकी पहली हार थी। अब धोनी के धुरंधर अपनी ‘मांद’ में जीत की राह पर लौटने की कोशिश में होंगे।
एमए चिदंबरम स्टेडियम पर पहले मैच में बैंगलोर की टीम 70 रन पर आउट हो गई थी जबकि राजस्थान को आठ रन से हराने में चेन्नई को पापड़ बेलने पड़े। चेन्नई के पास अनुभवी स्पिनर है जबकि पंजाब में स्पिन आक्रमण की अगुवाई खुद अश्विन कर रहे हैं। उसके स्पिन गेंदबाजों में मुजीब उर रहमान, लेग स्पिनर एम अश्विन और वरूण चक्रवर्ती हैं।
मेजबान गेंदबाजों की चिंता का सबब क्रिस गेल की बल्लेबाजी होगी जो एक अप्रैल को दिल्ली के खिलाफ नहीं खेले थे। गेल पिछले मैच में बाहर रहे, लेकिन केएल राहुल और मयंक अग्रवाल ने उम्दा प्रदर्शन किया। दूसरी ओर चेन्नई ने अभी तक टीम प्रदर्शन के दम पर जीत दर्ज की है।
उसके लिए चिंता का एकमात्र सबब अंबाती रायुडू का खराब फार्म है जिससे मुरली विजय को टीम में जगह मिल सकती है। कल के मैच में स्टार हरफनमौला ड्वेन ब्रावो का खेलना भी संदिग्ध है जिन्हें मुंबई के खिलाफ हैमस्ट्रिंग चोट लगी थी। उनकी गैर मौजूदगी में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज स्काट कगेलेइन को जगह मिल सकती है।
धोनी को अपने गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। चेन्नई की टीम मोहित शर्मा या शार्दुल ठाकुर की जगह अतिरिक्त स्पिनर उतार सकती है। पहले चेन्नई टीम का हिस्सा रहे अश्विन अपनी पूर्व टीम के खिलाफ शानदार जीत दर्ज करना जरूर चाहेंगे।