राजस्थान के खिलाफ इंडियन टी-20 लीग के मैच में गुरुवार को कोलकाता उतरेगी तो उसका इरादा जीत की राह पर लौटने का होगा। कोलकाता को लगातार पांच हार का सामना करना पड़ा है जिससे आंद्रे रसेल पर उनकी अत्यधिक निर्भरता उजागर हो गई।
कप्तान दिनेश कार्तिक को भी आलोचना झेलनी पड़ी थी कि वह रसेल को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर नहीं भेज रहे। विश्व कप टीम में ऋषभ पंत पर तरजीह पाने वाले कार्तिक ने पिछले सत्र में कोलकाता के लिए सर्वाधिक रन बनाए थे, लेकिन इस बार नौ मैचों में वह 16.71 की औसत से ही रन बना सके हैं।
टीम प्रबंधन स्पिनर कुलदीप यादव की नाकामी से भी निराश है। हैदराबाद के खिलाफ नौ विकेट से मिली हार के बाद कार्तिक और कुलदीप को आराम दिया गया था।
कोच जैक कैलिस ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ये लोग हताश हो गए हैं और इन्हें ब्रेक की जरूरत है। कार्तिक एक दिन के लिए घर गया था और उम्मीद है कि तरोताजा होकर खेलेगा।’
कोलकाता को उसके गेंदबाजों ने निराश किया। खासकर स्पिनर ईडन गार्डंस की पिच पर कमाल नहीं कर सके जो 2012 और 2014 में उनकी ताकत थी।
कुलदीप यादव, सुनील नरेन और पीयूष चावला ने दस मैचों में बस 16 विकेट लिए। पहले चरण में कोलकाता ने राजस्थान को आसानी से हराया था, लेकिन तब से अब तक हालात काफी बदल चुके हैं। कोलकाता का तेज आक्रमण भी औसत रहा है।
आठ टीमों में कोलकाता से एक पायदान नीचे सातवें स्थान पर काबिज राजस्थान का भविष्य भी अधर में लटका है। मुंबई के खिलाफ मैच से पहले अजिंक्य रहाणे की जगह स्टीव स्मिथ को कप्तानी सौंपी गई।
इसके बाद मुंबई को हराकर राजस्थान जीत की राह पर लौटे। रहाणे भी दिल्ली के खिलाफ शतक लगाकर बतौर बल्लेबाज फार्म में आए हालांकि टीम वह मैच हार गई।