ऋषभ पंत और संजू सैमसन सरीखे जांबाज युवा तुर्कों ने बेखौफ तूफानी बल्लेबाजी कर दिल्ली डेयरडेविल्स की आईपीएल 10 क्रिकेट में प्ले ऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखा है। लगातार पांच हार के ‘पंजे’ से निकलने के बाद दिल्ली ने शानदार अंदाज में अपने पिछले दो मैचों में पहले मौजूदा चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद के बड़े स्कोर और फिर गुजरात लॉयंस के पहाड़ के स्कोर को बौना साबित कर जीत हासिल कर अपनी रंगत पा ली।
दिल्ली की अपने घरेलू फिरोजशाह कोटला मैदान पर इन लगातार दो जीत के बाद शीर्ष पर चल रही मुंबई इंडियंस उसे यहां शनिवार को हल्के में लेने की भूल कतई नहीं कर सकती है। मुंबई के लिए दिल्ली के शीर्ष क्रम में मौजूद ऋषभ पंत के तूफान को रोकना सबसे बड़ी चुनौती होगा। पंत और सैमसन को मुंबई के सबसे कंजूस और मौजूदा सीजन के सबसे कामयाब पेसरों- जसप्रीत बुमराह (12 विकेट) , लसित मलिंगा, हार्दिक पांडया, मिशेल जॉनसन और मिशेल मैकलानघन के साथ अनुभवी हरभजन सिंह से चौकस रहना होगा। हर कोई सैमसन और ऋभष पंत के कसीदे पढ़ते नहीं थक रहा है लेकिन मेजबान टीम के मेंटर राहुल द्रविड़ इन दोनों से और जिम्मेदार और बेहतर खेल की आस कर रहे हैं। द्रविड़ की इन दोनों को ताकीद यह है कि वे मुंबई के खिलाफ दिल्ली को जिताकर मैदान से अविजित लौटें।
दिल्ली अपने शीर्ष क्रम की नाकामी के चलते मुंबई के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में उससे उसके घर में 14 रन से हार गई थी। अब ऋषभ पंत, सैमसन , श्रेयस अय्यर और कार्यवाहक कप्तान करुण नायर जैसे युवा तुर्कों के अब रंग में आने और वेस्ट इंडीज के ऑलराउंडर मर्लोन सैमुअल्स के टीम से जुड़ने से उसके मध्यक्रम को जरूरी मजबूती मिलने से दिल्ली के मुंबई इंडियंस के हाथों मिली हार का हिसाब चुकता करने का पूरा मौका रहेगा।
मुंबई कर चुकी है प्लेऑफ में जगह पक्की
नितीश राणा
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मुंबई दस मैचों में आठ जीत से प्ले ऑफ में अपनी जगह पक्की कर चुकी है और अपने बाकी चार मैचों से वह कम से कम दो और में जीत के साथ प्ले ऑफ में टॉप दो स्थान पाने की कोशिश करेगी। दिल्ली के इतने ही मैचों में मात्र चार जीत से फिलहाल आठ अंक हैं और उसे प्ले ऑफ पहुंचने के लिए पिछले दो मैचों की लगातार जीत के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जीत ‘छक्का’ जड़ने की दरकार है। मतलब साफ है कि दिल्ली मामूली चूक गवारा नहीं कर सकती है। दिल्ली के लिए मौजूदा सीजन में अकेली सेंचुरी सैमसन ने लगाई जबकि ऋषभ पंत गुजरात के खिलाफ मात्र तीन रन से सेंचुरी चूक गए। दिल्ली के लिए सैमसन (374 रन), ऋषभ पंत (281 रन), श्रेयस अय्यर (204 रन) और करुण नायर (140) जैसे युवा तुर्को ने रन बनाने का जिम्मा संभाला है।
मुंबई की बल्लेबाजी ‘लोकल बॉय’ और उसके लिए सबसे ज्यादा 300 से ज्यादा रन बनाने वाले बाएं हाथ के नितिश राणा के साथ दो-दो सौ से ज्यादा रन बनाने वाले जोस बटलर, किरन पोलार्ड और पार्थिव पटेल और अब अपने रंग में आ चुके कप्तान रोहित शर्मा (173 रन) के साथ ऑराउंडर- पांडया बंधुओं- हार्दिक और क्रुणाल -पर निर्भर करेगी। कप्तान तेज गेंदबाज जहीर खान के पूरी तरह फिट हो पाने को लेकर संदेह के बावजूद मोहम्मद शमी, पैट कमिंस, कासिगो रबाड़ा और क्रिस मॉरिस की मौजूदगी में दिल्ली के पास तेज गेंदबाजी में पर्याप्त विकल्प है। बतौर स्पिनर आईपीएल के इतिहास के सबसे कामयाब भारतीय गेंदबाज लेग स्पिनर अमित मिश्रा और ऑफ स्पिनर मर्लोन सैमुअल्स के रूप में दिल्ली के पास दो बेहतरीन स्पिनर के हैं। दिल्ली मुंबई के खिलाफ उसके घर में रबाड़ा के साथ मिलकर संघर्ष करने वाले क्रिस मॉरिस को लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम की जगह अंतिम एकादश में शामिल कर सकती है।
घर पर दिल्ली का पलड़ा रहा है भारी, होगी कांंटे की टक्कर
दिल्ली डेयरडेविल्स
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दोनों टीमों के बीच आईपीएल में अब तक 19 मैच खेले जा चुके हैं। जिनमें 9 मैचों में दिल्ली और 10 में मुंबई विजयी रही है। फिरोज शाह कोटला के मैदान पर 7 बार दोनों की भिडंत हुई है जिसमें से 5 मैच दिल्ली के और 2 बार मुंबई के पाले में गया है। ऐसे में मैच कांटे की टक्कर वाला रहेगा। घर पर खेलने का फायदा निश्चित तौर पर दिल्ली को मिलेगा ऐसे भी घर पर मुंबई के खिलाफ उसका पलड़ा भारी ही रहता है।