जब तक सीमित ओवरों की क्रिकेट नहीं खेली जाती थी तब दो अंतरराष्ट्रीय मैचों या यूं कहें कि टेस्ट क्रिकेट में दो मैचों के बीच लंबा अंतराल देखने को मिलता था। ऐसा सबसे लंबा अंतराल पहले और दूसरे विश्व युद्ध के बीच देखने को मिला।
पहले विश्व युद्ध के दौरान छह साल नौ महीने और 20 दिन यानि कुल 2485 दिन तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान भी 2414 दिन तक कोई मैच नहीं हुआ था। अगर विश्व युद्ध को छोड़ दें तो 14 अगस्त 1899 से लेकर 13 दिसंबर 1901 तक यानि 851 दिन तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया। लेकिन तब दक्षिण अफ्रीका में युद्ध किे कारण वहां खेले जाने वाले टेस्ट मैचों को रद्द किया गया था।
टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत में जरूर कई दिनों तक कोई मैच नहीं खेला जाता था। मसलन इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट मैच के बाद तीसरा टेस्ट मैच 642 दिन बाद खेला गया था जबकि तीसरे और चौथे टेस्ट मैच में 613 दिन का अंतराल रहा। फरवरी 1883 से लेकर जुलाई 1884 के बीच 509 दिन तक कोई मैच नहीं खेला गया था।
सीमित ओवरों की क्रिकेट के चलन के कारण हाल में विशेषकर उन वर्षों में 100 से अधिक दिन तक टेस्ट मैच नहीं खेला गया जब वनडे विश्व कप का आयोजन किया गया।जैसे कि पिछले साल इंग्लैंड में विश्व कप खेला गया। इससे पहले खिलाड़ी आईपीएल में व्यस्त रहे और इस कारण दो टेस्ट मैचों के बीच 131 दिन का अंतराल देखने को मिला। वर्तमान में यह अंतराल 130 दिन का है।