टीम इंडिया के लिए सोमवार को एक बुरी खबर आई है। हनुमा विहारी चोटिल होकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट से बाहर से हो गए हैं। साथ ही पांच फरवरी से शुरू होने वाले टेस्ट सीरीज में भी उनके खेलने पर संशय बताया जा रहा है। दरअसल, मैच के बाद विहारी को स्कैन के लिए ले जाया गया। इसकी रिपोर्ट मंगलवार की शाम तक आने की उम्मीद है।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को इस बात की जानकारी दी है। सूत्र ने बताया कि विहारी अगले मैच तक फिट नहीं हो सकेंगे, जो 15 जनवरी से शुरू हो रहा है। एक सूत्र ने कहा, 'स्कैन की रिपोर्ट आने के बाद ही विहारी की चोट के बारे में पता चल सकेगा लेकिन ग्रेड वन चोट होने पर भी उसे चार सप्ताह बाहर रहना होगा और उसके बाद रिहैबिलिटेशन से गुजरना होगा। सिर्फ ब्रिसबेन टेस्ट ही नहीं बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला से भी वह बाहर रह सकते हैं।'
विहारी के विकल्प के तौर पर ऋधिमान साहा को विकेटकीपर के तौर पर और ऋषभ पंत को बल्लेबाज के तौर पर उतारा जा सकता है या मध्यक्रम में मयंक अग्रवाल को जगह दी जा सकती है। वहीं ब्रिसबेन में रविंद्र जडेजा की जगह शार्दुल ठाकुर ले सकते हैं, क्योंकि जडेजा भी चोटिल हैं।
गौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट ड्रॉ हो गया। मगर यह मैच किसी ऐतिहासिक जीत से कम नहीं थी। सिडनी टेस्ट जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने हर तरीका अपनाया, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। मैच को ड्रॉ कराने में हनुमा विहारी और आर अश्विन का बड़ा योगदान रहा।
चोटिल होने के बावजूद हनुमा ने लगभग चार घंटे क्रीज पर बिताकर अपने नाबाद 23 रन के लिए 161 गेंदें खेली जबकि अश्विन ने 128 गेंदों पर नाबाद 38 रन बनाए। हनुमा ने पुजारा के साथ 31 और अश्विन के साथ मिलकर 120 गेंदों का सामना किया। हनुमा-अश्विन ने लगभग 42 ओवरों का सामना करके छठे विकेट के लिए 62 रन जोड़े।