भारत और इंग्लैंड की महिला टीम के बीच इन दिनों ब्रिस्टल में टेस्ट मैच खेला जा रहा। इस मुकाबले में टीम इंडिया को फॉलोऑन करना पड़ा है। वहीं भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का मानना है कि सत्र के आखिरी क्षणों में खेलने का अनुभव नहीं होने से इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय पारी लड़खड़ा गई।
मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी की। इससे पहले इंग्लैंड ने पहली पारी नौ विकेट पर 396 रन पर घोषित की थी। भारत ने पांच विकेट हड़बड़ी में गंवा दिये और फॉलोआन खेलना पड़ा।
तीसरे दिन बारिश के कारण खेल जल्दी समाप्त होने के बाद मंधाना ने कहा, दिन के आखिर में नाबाद रहने का थोड़ा दबाव होता है जिसका असर पड़ा होगा। यह अनुभव के साथ ही सीखेंगे। मंधाना दूसरी पारी में कुछ खास नहीं कर पाईं।
उन्होंने कहा, हम जितना अधिक टेस्ट मैच खेलेंगे, उतना ही हालात के अनुरूप ढल सकेंगे। लंच से ठीक पहले का एक ओवर या दिन का खेल समाप्त होने से पहले का ओवर, यह खेलने के लिये अधिक परिपक्वता चाहिये। दबाव से बचना होगा। उन्होंने कहा, हमें 50 ओवर से आगे खेलने की आदत नहीं है लेकिन मैं टेस्ट मैच के अनुभव के अभाव के कारण आउट नहीं हुई। मैने आखिरी सत्र में अपना विकेट गंवा दिया।
तीसरे दिन के आखिर में भारत का स्कोर एक विकेट पर 83 रन था और अभी भी पारी की हार से बचने के लिये उसे 82 रन बनाने हैं। मंधाना ने कहा, हालात कुछ बदले हैं। हवा चल रही है लेकिन उतनी स्विंग नहीं है। बल्लेबाजी के लिये विकेट अच्छी है।